खाद्य मंत्री को आंकड़ों के जाल में घेरा; अंत्योदय परिवारों के लिए जनहित का हवाला देते हुए उठाई अतिरिक्त चावल की मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल में राशन कार्ड और चावल वितरण का मुद्दा गरमाया रहा। कांग्रेस की महिला विधायक शेषराज हरबंश ने जनहित का हवाला देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के सामने सवालों की झड़ी लगा दी और तार्किक ढंग से अति गरीबों के हक की बात सदन में रखी।
महिला विधायक के तीखे तर्क— ‘जब पात्रता नियम स्पष्ट, तो केंद्र और राज्य के आंकड़ों में भारी अंतर क्यों ?’
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश ने राज्य में संचालित चावल वितरण व्यवस्था को लेकर खाद्य मंत्री को घेरा। उन्होंने बेहद तार्किक अंदाज में सवाल किया कि जब अंत्योदय परिवारों को केंद्र सरकार की योजना से मुफ्त राशन मिल रहा है, तो राज्य के कोटे में अलग से 8.5 लाख से अधिक राशन कार्ड क्यों चल रहे हैं?
उन्होंने केंद्र और राज्य के बीपीएल कार्डों की संख्या में 16.82 लाख के बड़े अंतर पर सवाल उठाते हुए खाद्य मंत्री से पूछा:
”जब पात्रता के नियम पूरी तरह स्पष्ट हैं, तो इतनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त परिवार कहां से आए? केंद्र की गणना में इन्हें शामिल क्यों नहीं किया गया?”
जनहित का हवाला: ‘अति गरीबों (अंत्योदय) को भी मिले प्रति सदस्य 7 किलो चावल का लाभ’
शेषराज हरबंश ने आंकड़ों के साथ अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि इन अतिरिक्त अंत्योदय राशन कार्डों के कारण छत्तीसगढ़ राज्य पर लगभग 1364.35 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आ रहा है।
इसके बाद उन्होंने सीधे तौर पर जनहित और गरीबों के कल्याण का हवाला देते हुए खाद्य मंत्री के सामने एक बड़ा तार्किक प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा:
- प्राथमिकता (बीपीएल) कार्ड में यदि 5 से अधिक सदस्य होते हैं, तो नियमों के तहत प्रति सदस्य 7 किलो चावल दिया जाता है।
- लेकिन अंत्योदय (अति गरीब) कार्डधारियों के लिए यह नियम लागू नहीं है, उन्हें केवल 35 किलो चावल ही फिक्स मिल रहा है।
- महिला विधायक ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अंत्योदय परिवारों में भी 5 से अधिक सदस्य होने पर प्रति सदस्य 7 किलो चावल दिया जाना चाहिए।
खाद्य मंत्री ने गिनाईं योजनाएं, नियमों का दिया हवाला
महिला विधायक के एक के बाद एक आए सवालों पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अंत्योदय के तहत केंद्र के 7.18 लाख और राज्य के 8.51 लाख कार्ड प्रचलन में हैं। वहीं प्राथमिकता श्रेणी में केंद्र के 50.07 लाख और राज्य के 8.33 लाख कार्ड हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि 3 से 5 सदस्यों वाले परिवारों को 35 किलो चावल दिया जा रहा है और 5 से अधिक सदस्य होने पर पात्रता के अनुसार केंद्र के 5 किलो के साथ राज्य का 2 किलो मिलाकर कुल 7 किलो चावल दिया जाता है। यह पूरी व्यवस्था निर्धारित पात्रता सूचियों के तहत ही संचालित की जा रही है।
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