जनकपुर से रायपुर तक हाहाकार, रेस्टोरेंट्स में 10% ‘सिलेंडर सरचार्ज’ ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट
रायपुर|छत्तीसगढ़ में गहराते गैस संकट ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहाँ जनकपुर जैसी नगर पंचायतों में जनप्रतिनिधि सड़कों पर हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए साय सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। बघेल ने सरकार के दावों को ‘झूठ’ करार देते हुए प्रदेश में गैस की भयावह स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में जंग
”सरकार छाती ठोक रही है, लेकिन एजेंसियां स्टॉक खत्म होने के पर्चे चिपका रही हैं।” पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह तीखा प्रहार उस समय आया है जब प्रदेश का आम नागरिक एक-एक सिलेंडर के लिए तरस रहा है। ताज़ा विवाद रायपुर के रेस्टोरेंट्स द्वारा वसूले जा रहे 10% अतिरिक्त ‘सिलेंडर सरचार्ज’ को लेकर है, जिसे बघेल ने ‘अवैध वसूली’ करार दिया है।
बघेल के हमले के 3 बड़े बिंदु: क्या यह कानूनन सही है ?
भूपेश बघेल ने अपनी पोस्ट में कुछ ऐसी कड़वी सच्चाइयां उजागर की हैं, जिसने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
- अवैध सरचार्ज का बोझ: रायपुर के कई रेस्टोरेंट्स में अब बिल पर 5% GST के साथ 10% सिलेंडर सरचार्ज वसूला जा रहा है। बघेल ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार ने इसकी अनुमति दी है?
- एजेंसियों में ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड: दावों के उलट गैस एजेंसियों के बाहर स्टॉक खत्म होने की सूचना चस्पा है, जिससे कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है।
- सरकारी झूठ का पर्दाफाश: सरकार जहां सप्लाई सामान्य होने की बात कह रही है, वहीं बघेल ने फोटो और सबूतों के साथ इसे ‘सफेद झूठ’ बताया है।
जनकपुर में भी बढ़ा आक्रोश: नगर पंचायत ने खोला मोर्चा
सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि सुदूर इलाकों जैसे जनकपुर में भी स्थिति बेकाबू है। नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल और उनके पार्षदों ने पहले ही ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी युद्ध का बहाना बनाकर सप्लाई रोकी गई, तो उग्र आंदोलन होगा।



जनता की जेब पर दोहरा प्रहार
एक तरफ गैस सिलेंडर की कमी से घरों के चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ बाहर खाना खाना भी आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। 10% अतिरिक्त सरचार्ज की वसूली पर अब तक खाद्य विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
सरकार को जवाब देना चाहिए कि गैस की वास्तविक स्थिति क्या है। रेस्टोरेंट्स द्वारा की जा रही यह खुली लूट क्या सरकार की नाक के नीचे हो रही है ?
— भूपेश बघेल
आर-पार की लड़ाई की तैयारी
विपक्ष के इस हमले के बाद अब गेंद सरकार के पाले में है। क्या सरकार इस अवैध वसूली पर लगाम लगाएगी या गैस की किल्लत इसी तरह आम आदमी और व्यापारियों की कमर तोड़ती रहेगी?




