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न्याय की जंग : नौगई तिहरे हत्याकांड में बड़ा मोड़: क्षत्रिय महासभा ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, आरोपियों के मोबाइल CDR जांच की मांग

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समझौते के बहाने बुलाकर तीन सगे भाइयों की नृशंस हत्या के विरोध में चांग भखार भरतपुर जिला-एम.सी.बी. में भारी आक्रोश, महामहिम को सौंपा गया 6 सूत्रीय कड़ा ‘अल्टीमेटम’ ज्ञापन

नई पहल न्यूज नेटवर्क। जनकपुर/एमसीबी/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले तिहरे हत्याकांड को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर फैल गई है। आपसी समझौते और बातचीत के पवित्र बहाने घर बुलाकर भरत सिंह, नागेन्द्र सिंह और वीरेन्द्र सिंह की की गई बर्बर, सुनियोजित और नृशंस हत्या के विरोध में अब क्षत्रिय समाज पूरी तरह से लामबंद हो गया है। ‘अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा’ (चांग भखार भरतपुर जिला-एम.सी.बी.) ने इस जघन्य कृत्य के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए देश के महामहिम राज्यपाल के नाम एक बेहद कड़ा और संवेदनशील ६ सूत्रीय ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार को सौंपा है। संगठन ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय और दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर कठोरतम सजा नहीं मिली, तो समाज चुप नहीं बैठेगा।

समझौते के नाम पर ‘खूनी साजिश’: रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात

​प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरा विवाद ग्राम नौगई का है जहां आरोपी त्रिपाठी परिवार द्वारा पीड़ित पक्ष को कथित तौर पर आपसी बातचीत और मामले को सुलझाने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन वहां पहले से रची गई एक खूनी साजिश के तहत भरत सिंह, नागेन्द्र सिंह एवं वीरेन्द्र सिंह पर घातक हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वीभत्स हमले में कुछ अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। महासभा का आरोप है कि यह कोई तात्कालिक विवाद नहीं बल्कि पूरी तरह सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं।

अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह का कड़ा रुख: > यह केवल एक सामान्य अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज और इंसानियत पर कलंक है। समझौते का झांसा देकर जिस तरह तीन लोगों की जिंदगियां छीन ली गईं, उससे साफ है कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं है। हम महामहिम से गुहार लगा रहे हैं कि अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए त्वरित और ऐसी कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने।”

क्षत्रिय महासभा का 6 सूत्रीय ‘अल्टीमेटम’ और प्रमुख मांगें:

​अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में महामहिम राज्यपाल से निम्नलिखित ६ प्रमुख मांगें त्वरित प्रभाव से पूरी करने का आग्रह किया गया है:

  1. निष्पक्ष एवं त्वरित विवेचना: नौगई हत्याकांड की जांच को पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ बिना किसी बाहरी व राजनीतिक दबाव के अत्यंत तीव्र गति से पूरा किया जाए।
  2. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई: इस संवेदनशील और जघन्य प्रकरण की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हो, ताकि दोषियों को रिकॉर्ड समय में फांसी या कठोरतम सजा मिल सके।
  3. दोषियों के मकानों का ध्‍वस्तीकरण (बुलडोजर एक्शन): समाज में अपराधियों के भीतर कानून का भय पैदा करने के लिए दोषियों के अवैध व अन्य मकानों को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त (बुलडोजर कार्रवाई) किया जाए।
  4. पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं मुआवजा: खौफ के साए में जी रहे पीड़ित परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए और आश्रितों को भारी वित्तीय मुआवजा प्रदान किया जाए।
  5. कॉल डिटेल्स (CDR) की गहन जांच: साजिश की पूरी परतें खोलने के लिए आरोपी त्रिपाठी परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और साइबर जांच कराई जाए, ताकि पर्दे के पीछे छिपे चेहरों का पर्दाफाश हो सके।
  6. घायलों का संपूर्ण मुफ्त इलाज: इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए अन्य लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा और सरकार की ओर से संपूर्ण चिकित्सीय क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।

न्याय की लड़ाई में एकजुट हुए सैकड़ों लोग

​इस हत्याकांड के विरोध में जन-आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ज्ञापन के साथ समाज के प्रमुख नागरिकों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षर कर अपनी एकजुटता दिखाई है। हस्ताक्षर करने वालों में प्रमुख रूप से:

  • अशोक कुमार सिंह (अध्यक्ष)
  • अवनींद्र प्रताप सिंह, प्रशांत सिंह, उदय प्रताप सिंह, अंकुर प्रताप सिंह, उपेन्द्र कुमार सिंह, नीरजा सिंह, अभिनय सिंह, अंकित सिंह
  • अम्बरीष चौहान, ओमप्रकाश सिंह, चन्द्र प्रताप, आशुतोष सिंह, अतुल सिंह, नवल सिंह
  • ​अजय सिंह, विजय सिंह, राज बहादुर सिंह, धीरपाल सिंह, कुंवर उत्कर्ष सिंह और विधात्री सिंह सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हैं।

स्थानीय प्रशासन ने तहसीलदार (भरतपुर) के माध्यम से इस ज्ञापन को स्वीकार करते हुए इसे अविलंब महामहिम राज्यपाल के पास भेजने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का कड़ा आश्वासन दिया है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

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