सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो, कमल के निशान पर पैर रखकर योग करने पर कांग्रेस हमलावर, गुलाब कमरो ने घेरा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर/मनेंद्रगढ़। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जहाँ देश-प्रदेश से योग करती हुई खूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले से आई एक तस्वीर ने सूबे के सियासी पारे को गरमा दिया है। भाजपा सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की एक तस्वीर इस समय सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसने एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा सरकार और मंत्री पर तीखा हमला बोला है।


क्या है पूरा विवाद ?
दरअसल, योग दिवस के एक गरिमामयी मंच पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े योगासन करती नजर आ रही हैं। विवाद की वजह वह कारपेट या मैट है, जिस पर भाजपा का चुनाव चिन्ह ‘कमल का फूल’ बना हुआ है। तस्वीर में मंत्री जी उसी कमल फूल के चिन्ह के ठीक ऊपर पैर रखकर योग मुद्रा में दिखाई दे रही हैं। जैसे ही यह तस्वीर सार्वजनिक हुई, विपक्ष को भाजपा को घेरने का एक बड़ा मौका मिल गया।
गुलाब कमरो का तीखा वार: “जिसके दम पर सत्ता पाई, आज उसी को पैरों तले रौंद रहे”
इस मामले को लेकर भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की तस्वीर साझा करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में लिखा:
“जिस ‘कमल’ के दम पर सत्ता पाई, आज उसी को पैरों तले रौंद रही भाजपा सरकार!
योग दिवस के मंच पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जी का यह रूप भाजपा के असली ‘संस्कार’ बयां कर रहा है। जिस कमल को पूजते हैं, उसी को पैरों से कुचलकर योग चल रहा है। अगर यही किसी और ने किया होता तो अब तक भाजपाई आसमान सिर पर उठा लेते। अब इनके संस्कार कहाँ घास चरने गए हैं?”
‘भाषण और आचरण’ में अंतर पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस कमल के फूल ने भाजपा को फर्श से अर्श तक पहुँचाया और सत्ता की कुर्सी तक बैठाया, उसे ही पैरों तले कुचलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
- दोहरा मापदंड: “यदि यही दृश्य विपक्ष के किसी नेता का होता, तो अब तक भाजपा और उसके समर्थक इसे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और आस्था का अपमान बताकर देशव्यापी मुद्दा बना चुके होते।”
- संस्कारों की दुहाई: “भाजपा को इस संवेदनशील मामले पर अपनी स्थिति तुरंत स्पष्ट करनी चाहिए। संस्कार और सम्मान केवल चुनावी भाषणों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि वे नेताओं के आचरण में भी दिखाई देने चाहिए।”
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की यह तस्वीर और पूर्व विधायक गुलाब कमरो का यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहाँ एक तरफ कांग्रेस समर्थक इसे भाजपा का ‘दोहरा चरित्र’ बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या यह महज एक अनजाने में हुई चूक है या फिर प्रोटोकॉल की बड़ी लापरवाही।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर भाजपा संगठन या मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन योग दिवस के मंच से शुरू हुआ यह ‘आसन विवाद’ छत्तीसगढ़ की राजनीति में दूर तक जाने के संकेत दे रहा है।
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