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EXCLUSIVE : वन विभाग में ‘अहंकार’ का टकराव ! मनेंद्रगढ़ पहुंचे वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष को DFO ने नहीं दिया रेस्ट हाउस का कमरा, दफ्तर के बाहर कर्मचारियों का महासंग्राम

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छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के मुखिया अजीत दुबे के अपमान पर भड़के कर्मचारी, DFO चंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ गूंजे नारे, चैंबर के भीतर बंद कमरे में भारी तनातनी !

नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में आज उस समय प्रशासनिक मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब वन विभाग के मुखिया और कर्मचारियों के बीच सीधे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे के प्रथम मनेंद्रगढ़ आगमन पर वन मंडलाधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल ने उन्हें वन विभाग के ही शासकीय रेस्ट हाउस का कमरा देने से दो टूक इनकार कर दिया। विभाग के सर्वोच्च कर्मचारी नेता के साथ हुए इस व्यवहार ने सुलगती आग में घी का काम किया, जिसके बाद पूरे वन मंडल परिसर में भारी बवाल मच गया।

कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: “शाही फरमान” के खिलाफ खुला मोर्चा

​जैसे ही यह बात बाहर आई कि प्रदेश अध्यक्ष को ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है, जिले भर के वन कर्मचारी लामबंद हो गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया। परिसर “कर्मचारी एकता जिंदाबाद” और “डीएफओ की तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा। कर्मचारियों का आरोप है कि यह सिर्फ एक कमरे का इनकार नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के वन अमले की अस्मिता पर चोट है।

DFO चैंबर बना ‘कुरुक्षेत्र’, बंद कमरे में हाई-वोल्टेज ड्रामा

​बाहर बढ़ते जनाक्रोश और नारेबाजी के बीच, स्थिति को भांपते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे स्वयं जिले के पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में दाखिल हुए। बंद कमरे के भीतर दोनों पक्षों के बीच बेहद तीखी और मैराथन वार्ता चल रही है। सूत्र बताते हैं कि कमरा न देने की वजहों पर दोनों ओर से भारी तल्खियां देखने को मिल रही हैं और बातचीत बेहद संवेदनशील मोड़ पर है।

क्या थमेगा यह बवंडर?

कर्मचारी संगठन इस घटनाक्रम को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पहली बार जिले के दौरे पर आए प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की जगह इस तरह का विवाद खड़ा होना वन विभाग के आंतरिक तालमेल की पोल खोलता है। चैंबर के बाहर निकलकर प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे ने बताया कि डीएफओ ने स्वीकार किया कि मुझे यह जानकारी नहीं थी, आगे कर्मचारी संघों के साथ तालमेल कर अच्छे से कार्य करने की बात कही। वही प्रदेश अध्यक्ष को वन विभाग के रेस्ट हाउस में कमरा एलाट कर दिया गया है।

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