नई पहल न्यूज नेटवर्क | नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों के बीच देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का अत्यंत संयमित इस्तेमाल करने का आह्वान किया है। रविवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का डिजिटल लोकार्पण व शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पेट्रोलियम उत्पादों की बचत ही समय की सबसे बड़ी मांग है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आवश्यकतानुसार ऊर्जा का उपयोग न केवल देश की विदेशी मुद्रा बचाएगा, बल्कि युद्ध के कारण उत्पन्न होने वाले प्रतिकूल आर्थिक प्रभावों से भी भारत को सुरक्षित रखेगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि देश अब सौर ऊर्जा और एथेनॉल मिश्रण के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, जहाँ सरकार का अगला लक्ष्य पाइपलाइन के जरिए किफायती गैस और सीएनजी के नेटवर्क को घर-घर पहुँचाना है।
विकास की इस कड़ी में प्रधानमंत्री ने राजनीति से ऊपर उठकर राज्यों के सहयोग पर भी विशेष चर्चा की। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ‘विकास में राजनीति न होने’ वाले बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में अलग विचारधारा की सरकारें होना बाधा नहीं है, बल्कि राज्यों का विकास ही ‘विकसित भारत 2047’ की असली बुनियाद है। मुख्यमंत्री को केंद्र के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए उन्होंने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में तेलंगाना के बुनियादी ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल दोगुना हो चुका है और रेलवे बजट को 1,000 करोड़ से बढ़ाकर 5,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य में करीब 50,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो तेलंगाना की प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी।
About The Author














