JSW और CSPDCL की लापरवाही से डूमरपाली में भारी तबाही, विधायक ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा; तुरंत मुआवजे की मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पामगढ़ / डूमरपाली। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैंसों के आश्रित गांव डूमरपाली में बीती 25 जुलाई को हुई एक गंभीर लापरवाही ने 30 परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। JSW पावर प्लांट (नारियरा) द्वारा हाई टेंशन तार से नया कनेक्शन लेने के दौरान तारों में की गई मनमानी फेरबदल के कारण गांव में अचानक भारी वोल्टेज फ्लक्चुएशन हुआ। इस बिजली तांडव की वजह से करीब 30 घरों की पूरी वायरिंग जलकर खाक हो गई और पंखे, टीवी, फ्रिज समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए।
दुर्घटना के तुरंत बाद से ही पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में थीं। हालांकि, हफ्तों बीत जाने के बाद भी प्रशासन और कंपनी की ओर से कोई ठोस समाधान न निकलने पर आज विधायक खुद डूमरपाली पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों का हाल जाना।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी: “हक दिलाए बिना शांत नहीं बैठेंगे”
मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद विधायक शेषराज हरबंश ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) और JSW पावर प्लांट नारियरा के उच्च अधिकारियों से सीधी बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पावर कंपनी और बिजली विभाग की इस मिलीभगत व लापरवाही का खामियाजा गरीब ग्रामीण क्यों भुगतें?
विधायक की मुख्य मांगें और अल्टीमेटम:
- तत्काल मुआवजा: JSW प्रबंधन और CSPDCL मिलकर प्रभावित 30 परिवारों के नुकसान का आकलन करें और तुरंत मुआवजा राशि जारी करें।
- आंदोलन की चेतावनी: यदि तय समय सीमा के भीतर पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजे की राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, तो क्षेत्र स्तर पर उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और JSW प्रबंधन की होगी।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश, विधायक का मिला साथ
घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी मुआवजा न मिलने से डूमरपाली के ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त था। विधायक शेषराज हरबंश के गांव पहुंचने और अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने से ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी है। फिलहाल सभी की नजरें CSPDCL और JSW प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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