नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आज राजीव भवन में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता में देश में चल रहे पेपर लीक माफिया और सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। डॉ. महंत ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं के कथित ‘रेट कार्ड’ का भंडाफोड़ करते हुए सीधे तौर पर केंद्र की मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राज में ‘पेपर लीक’ एक ऐसा संगठित राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है, जहां युवाओं के भविष्य की मंडियों में खुली बोली लगाई जा रही है।
करोड़ों की सौदेबाजी: यह है परीक्षाओं का कथित ‘रेट कार्ड’
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने देश भर के छात्रों और जनचर्चाओं का हवाला देते हुए विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुए करोड़ों के लेन-देन के आंकड़ों को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा माफिया किस तरह बेखौफ होकर इन रेट्स पर पेपर बेच रहे हैं:

- नीट यूजी (NEET-UG 2026): ₹ 40 लाख रुपये प्रति पेपर
- ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर (2025): ₹ 25 लाख रुपये प्रति पेपर
- आईआईटी-जेईई (IIT-JEE 2021): ₹ 15 लाख रुपये प्रति पेपर
- उत्तराखंड पटवारी (2025): ₹ 15 लाख रुपये प्रति पेपर
- बिहार शिक्षक भर्ती (2024): ₹ 10 लाख रुपये प्रति पेपर
डॉ. महंत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ देश के 9 करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय अभ्यर्थी महज 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए 5-5 साल तक प्रतिदिन 10 घंटे खून-पसीना एक कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लाखों रुपये फेंककर चंद पैसों वाले लोग इन पदों को खरीद रहे हैं। यह मेहनती छात्रों के पीठ पर छुरा घोंपने जैसा है।
“जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम” – सत्ता के संरक्षण में चल रहा है गोरखधंधा
इस रेट कार्ड को लेकर मोदी सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए डॉ. महंत ने कहा कि यह घोटाला बिना सत्ता के संरक्षण के मुमकिन ही नहीं है। भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के बढ़ते मामलों पर उन्होंने कहा कि भाजपा का फंडा बिल्कुल साफ है— “जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।” यही कारण है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा माफियाओं को सजा देने के बजाय बड़े-बड़े पदों पर बैठाकर पुरस्कृत किया जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की शुचिता और विश्वसनीयता पूरी तरह जमींदोज हो चुकी है, लेकिन इस महाघोटाले और रेट कार्ड पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की रहस्यमयी चुप्पी सरकार की पूरी हिस्सेदारी की ओर इशारा करती है।
इसी रेट कार्ड और धांधली की भेंट चढ़ी बस्तर की बेटी ‘सुरला हारिका राव’
डॉ. महंत ने बस्तर (जगदलपुर/अड़ावल) की होनहार छात्रा सुरला हारिका राव की आत्महत्या का अत्यंत दर्दनाक मामला उठाते हुए कहा कि इस रेट कार्ड और धांधली की वजह से नीट की परीक्षा दोबारा कराई गई। पहली परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाली यह बच्ची नीट-2 के परिणाम में आई गड़बड़ी और मानसिक अवसाद को झेल नहीं पाई और उसने अपनी जान दे दी। डॉ. महंत ने गरजते हुए कहा कि इस बच्ची और देश के अन्य मासूम बच्चों की हताशा व आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार जिम्मेदार है।
इस भ्रष्टाचार के खिलाफ राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के युवाओं के साथ हो रहे इस आर्थिक और मानसिक शोषण के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं। कोटा से शुरू हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बाद देहरादून की “छात्रों की गूंज” महारैली ने इस माफिया राज के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई इस ‘रेट कार्ड वाले भ्रष्टाचार’ के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक देशव्यापी लड़ाई लड़ रही है।
पत्रकार वार्ता में दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण और आक्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पीसीसी मुख्य प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा और सौरभ साहू सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व मीडिया कर्मी मौजूद थे।
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