सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में ₹2.50 लाख की लागत से स्थापित होगा आधुनिक शव संरक्षण यंत्र (डेड बॉडी फ्रीजर) : दुख की घड़ी में अब परिजनों को नहीं होना पड़ेगा लाचार, कलेक्टर कार्यालय ने जारी किया प्रशासकीय आदेश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पामगढ़। राजनीति जब जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ती है, तो वह समाज के सबसे गहरे दुखों पर मरहम लगाने का काम करती है। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय कांग्रेस विधायक श्रीमती शेषराज हरबंश ने जनभावनाओं का आदर करते हुए एक ऐसा ही ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लिया है। पामगढ़ क्षेत्र के नागरिक दशकों से स्थानीय स्तर पर किसी दुखद आकस्मिक घटना या असमय मृत्यु के दौरान अपनों के शवों को सुरक्षित रखने के लिए एक आधुनिक ‘डेड बॉडी फ्रीजर’ (मर्चुरी सुविधा) की कमी से जूझ रहे थे। जनता के इसी मर्म और पीड़ा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए विधायक शेषराज हरबंश ने अपनी विधायक निधि से इस अति-आवश्यक मर्चुरी सुविधा को स्थापित करने की एक बड़ी और नेक पहल की है, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है।

कार्यालय कलेक्टर (योजना एवं सांख्यिकी) जांजगीर-चांपा द्वारा जारी किए गए आधिकारिक शासकीय दस्तावेज़ों के अनुसार, पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत इस जनोपयोगी कार्य के लिए बाकायदा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मार्गदर्शिका नियमों के अनुरूप इस संवेदनशील कार्य को त्वरित गति से प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
यह बहुप्रतीक्षित आधुनिक मर्चुरी उपकरण (डेड बॉडी फ्रीजर – 01 नग) सीधे तौर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पामगढ़ में रखा जाएगा। अब तक पामगढ़ क्षेत्र के नागरिकों को किसी भी आकस्मिक दुर्घटना, असमय मौत या पुलिसिया कार्रवाई/पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान शव को सुरक्षित रखने के लिए भारी जिल्लत और मानसिक क्लेश का सामना करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर फ्रीजर न होने के चलते परिजनों को मजबूरी में जिला अस्पताल जांजगीर या अन्य दूरस्थ शहरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे शोक संतप्त और गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक संकट भी आ जाता था। अब विधायक की इस दूरदर्शी पहल से समूचे पामगढ़ और उसके दर्जनों ग्रामीण अंचलों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासकीय एवं तकनीकी विवरण
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी इस शासकीय आदेश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जांजगीर-चांपा से प्राप्त विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) और तकनीकी स्वीकृति के आधार पर ₹2,50,000 (रुपये दो लाख पचास हजार मात्र) की संपूर्ण राशि को एकमुश्त स्वीकृति दी गई है। इस कार्य की तकनीकी जिम्मेदारी और क्रियान्वयन का जिम्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा गया है, जो तकनीकी स्वीकृति क्रमांक 4714 (दिनांक 24.06.2026) के आधार पर इसे जल्द से जल्द पूरा करेंगे।
मेरे लिए राजनीति सिर्फ चुनाव जीतना या पद पर रहना नहीं है, बल्कि अपनी जनता के हर छोटे-बड़े दुख में ढाल बनकर खड़े रहना है। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मेरे भाई-बहनों को लंबे समय से इस बेहद जरूरी और संवेदनशील सुविधा के अभाव से जूझना पड़ रहा था। अपनों को खोने का दुख दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है, और उस कठिन समय में भी एक अदद डेड बॉडी फ्रीजर के लिए हमारे लोगों को परेशान होना पड़े या शव को लेकर दूर भागना पड़े, यह मुझे भीतर तक आहत करता था। जैसे ही क्षेत्र की सम्मानित जनता ने मेरे सामने यह बुनियादी पीड़ा रखी, मैंने बिना किसी देरी के अपनी विधायक निधि से इसे तत्काल मंजूर कराने का निर्णय लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में इस आधुनिक मर्चुरी की स्थापना होने से अब हमारे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को संकट की घड़ी में बड़ा संबल मिलेगा। विकास के साथ-साथ जनता के प्रति अटूट संवेदनशीलता ही हमारा अंतिम लक्ष्य है।
— शेषराज हरबंश, विधायक (पामगढ़ विधानसभा)
शासकीय कड़े निर्देश और पारदर्शिता
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, इस कार्य को पूरी तरह से पारदर्शी ढंग से शासकीय नियमों के अंतर्गत संपन्न कराया जाएगा। कार्य को 1 वर्ष की अवधि के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा और यह संपत्ति पूर्णतः शासकीय मानी जाएगी। इसके साथ ही कार्यस्थल पर विधायक के नाम, कार्य का नाम और बजट राशि का एक सूचना बोर्ड भी अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा ताकि आम जनता को इस शासकीय कार्य की पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी मिल सके।
विधायक की इस नेक पहल और जनहितैषी सोच के बाद पामगढ़ क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध जनों और आम जनता में खुशी का माहौल है और सभी खुलकर विधायक के इस संवेदनशील कदम की भूरि-भूरि सराहना कर रहे हैं।
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