कवर्धा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान जनता की शिकायत पर लिया संज्ञान, जेई सौरभ द्विवेदी की लगाई क्लास, कहा— ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कवर्धा/पंडरिया। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में इन दिनों अघोषित और लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर रखा है। उपभोक्ताओं से मिल रही लगातार शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने खुद मोर्चा संभाला। विधायक सीधे ठाठापुर बिजली सब स्टेशन पहुँचीं, जहाँ उन्होंने मैदानी हकीकत देखकर अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया। विधायक के इस औचक निरीक्षण से सब स्टेशन में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई।
मैदानी स्तर पर खुली पोल, जेई से सीधे सवाल-जवाब
सब स्टेशन पहुँचने पर बिजली आपूर्ति की जो जमीनी हकीकत सामने आई, उसने विभाग के सुचारू सप्लाई के दावों की पोल खोलकर रख दी। अव्यवस्थाओं और मेंटेनेंस की कमी को देखकर विधायक भावना बोहरा का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर (JE) सौरभ द्विवेदी की जमकर क्लास ली और पूछा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार घंटों बिजली बंद रहने का मुख्य कारण क्या है? उपभोक्ताओं की शिकायतों पर अब तक गंभीर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि दफ्तरों में बैठकर कागजी आंकड़े दुरुस्त करने के बजाय जमीनी समस्याओं को ठीक किया जाए।
आम जनता की परेशानी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को बिना वजह परेशान होना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली सुधारें और आपूर्ति नियमित करें।
— भावना बोहरा, विधायक (पंडरिया)
सख्त निर्देश: व्यवस्था दुरुस्त करें या भुगतने को तैयार रहें
विधायक भावना बोहरा ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था को लेकर आ रही शिकायतों को बिल्कुल भी हल्के में न लिया जाए। उन्होंने तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए:
- आपूर्ति में तत्काल सुधार: ठाठापुर सब स्टेशन से जुड़े तमाम गांवों में बिजली की सुचारू आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए।
- अव्यवस्थाओं पर शिकंजा: सब स्टेशन के भीतर जो भी तकनीकी खामियां या मेंटेनेंस की कमियां हैं, उन्हें अविलंब दूर किया जाए।
- जनता की सुनवाई: उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लिया जाए और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
विधायक के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में अगर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है।
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