The specified slider id does not exist.

छत्तीसगढ़ में ‘नीयत’ का अंतर : कांग्रेस ने सिखाया अवैध शराब का खेल, भाजपा सिखा रही किसानों की खुशहाली का मंत्र

Share this post:

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक और तथ्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार की कार्यप्रणाली के बीच के बड़े अंतर को उजागर किया है। उन्होंने सीधे तौर पर नेतृत्व, नीयत, सुशासन और कुशासन के फर्क को आंकड़ों और फैसलों के जरिए जनता के सामने रखा है। उज्ज्वल दीपक का यह बयान राजनीतिक गलियारों में भारी सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस काल के ‘शराब सिंडिकेट’ और भाजपा काल के ‘धान मॉडल’ की तुलना की है।

जब झारखंड सरकार को ₹3 करोड़ लेकर सिखाया गया ‘शराब का खेल’

​भाजपा प्रवक्ता ने साल 2022 का एक बड़ा दिलचस्प और गंभीर वाकया याद दिलाया। उस समय छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। तत्कालीन झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ एक MOU (कंसल्टेंसी एग्रीमेंट) साइन किया था।

  • दिखावे का दावा: आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि झारखंड सरकार छत्तीसगढ़ के मॉडल से शराब की बिक्री और राजस्व बढ़ाना चाहती है।
  • कड़वी हकीकत: उस दौरान खुद छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग का आधिकारिक राजस्व पिछले वर्षों की तुलना में लगातार घट रहा था।
  • अंदरूनी सच: उज्ज्वल दीपक ने तीखा तंज कसते हुए लिखा कि असल मकसद राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ से चल रहे ‘अवैध शराब के साम्राज्य’ और बिना होलोग्राम के सरकारी दुकानों से शराब बेचने के पूरे ‘खेल’ को समझना था। इस ‘सीख’ के बदले बकायदा बैंक खातों में लगभग 3 करोड़ रुपये का लेनदेन भी हुआ था।

अब 2026 में साय सरकार का ‘सुशासन’ : महाराष्ट्र सरकार सीख रही धान खरीदी का मॉडल

​समय बदला, सरकार बदली और अब छत्तीसगढ़ की छवि भी बदल चुकी है। साल 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सुशासन का डंका देश के अन्य राज्यों में बज रहा है।

  • महाराष्ट्र के अधिकारी छत्तीसगढ़ में: वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार के उच्च अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पूरी पारदर्शी प्रक्रिया को समझने के लिए छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं।
  • विश्व की सबसे बड़ी पारदर्शी व्यवस्था: छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था को संभवतः विश्व की सबसे बड़ी और सुव्यवस्थित व्यवस्था माना जा रहा है।
  • सीधा किसानों को लाभ: यहाँ किसानों को उनकी उपज का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है, और सबसे बड़ी बात—बिचौलियों का खात्मा कर पूरा पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर हो रहा है।

यही अंतर है नेतृत्व और नियत का !

​उज्ज्वल दीपक ने अपने पोस्ट के अंत में दोनों सरकारों की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए एक मजबूत निष्कर्ष दिया है। उन्होंने साफ किया कि यही असली फर्क है सरकारों का, नेतृत्व का, और नियत का।

एक तरफ कांग्रेस की सरकार थी जो दूसरे राज्यों को भ्रष्टाचार और अवैध सिंडिकेट की कंसल्टेंसी दे रही थी, और दूसरी तरफ भाजपा की साय सरकार है जो देश को किसानों की समृद्धि और सुशासन का मॉडल दे रही है। यही भाजपा और कांग्रेस का असली अंतर है।

— उज्ज्वल दीपक, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा छत्तीसगढ़

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail