नारायणपुर के आसमान में दिखा धुआं, पर नहीं मिला कोई मलबा; प्रशासन ने संभाली कमान
जशपुरनगर | 20 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नारायणपुर क्षेत्र के जंगलों में धुआं उठने के बाद ‘चार्टर प्लेन क्रैश’ होने की खबर तेजी से फैल गई। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस की सघन जांच के बाद अब तक विमान हादसे का कोई भी पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है। कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद मोर्चे पर डटे हुए हैं।
प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर
जैसे ही धुआं उठने की सूचना मिली, कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हर संदिग्ध बिंदु की जांच की जा रही है।
जांच के मुख्य बिंदु: क्या हुआ अब तक?
- ड्रोन से निगरानी: घने जंगलों और दुर्गम रास्तों को देखते हुए प्रशासन ड्रोन कैमरों का सहारा ले रहा है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के मलबे या साक्ष्य का पता लगाया जा सके।
- ग्रामीणों के बयान: पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की है। चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी ग्रामीण ने किसी बड़े धमाके या विमान के गिरने जैसी आवाज सुनने की पुष्टि नहीं की है।
- साक्ष्यों का अभाव: दोपहर से जारी तलाशी अभियान के बावजूद धरातल पर विमान दुर्घटना से जुड़ा एक भी टुकड़ा या साक्ष्य बरामद नहीं हुआ है।
हमें नारायणपुर क्षेत्र में धुआं उठने की जानकारी मिली थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए पूरी टीम मौके पर मौजूद है। फिलहाल प्लेन क्रैश जैसे कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
— जिला प्रशासन, जशपुर
अफवाहों से बचने की अपील
क्षेत्र में भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल जाता, इसे केवल एक संदिग्ध घटना के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल जशपुर का आसमान और जमीन दोनों सुरक्षित नजर आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।







