कांग्रेस के ‘चीरहरण’ वाले तंज और मंत्री के ‘मछली जाल’ वाले पलटवार के बाद अब ‘न्याय’ की बारी; दोषियों पर गिरेगी गाज
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर |छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले दिनों कांग्रेस द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन और ‘चीरहरण’ जैसे गंभीर आरोपों पर जब मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने यह कहकर पलटवार किया था कि— “कांग्रेस काल की साड़ियां तो मछली पकड़ने के काम आती थीं”—तब प्रदेश की सियासत गरमा गई थी। लेकिन अब मंत्री राजवाड़े ने केवल जुबानी जंग नहीं, बल्कि प्रशासनिक हंटर चलाकर स्पष्ट कर दिया है कि वे गुणवत्ता को लेकर कितनी गंभीर हैं।
सियासी वार-पलटवार से आगे बढ़ी बात: अब ‘दूध का दूध, पानी का पानी’
इस मामले ने तब तूल पकड़ा था जब कांग्रेसियों ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उस समय मंत्री राजवाड़े ने पिछली सरकार की खामियां गिनाते हुए जोरदार पलटवार किया था। अब उसी तेवर को बरकरार रखते हुए उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को कड़ी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार का कड़ा संदेश:
- शिकायत पर त्वरित मुहर: विभागीय जांच समिति ने शुरुआती जांच में मानकों में कमी की पुष्टि की है।
- दोषियों की खैर नहीं: खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र भेजकर सप्लायर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
- बदली जाएंगी साड़ियां: सरकार ने साफ किया है कि जहां भी शिकायत सही पाई जाएगी, वहां तत्काल साड़ियां बदलकर उच्च गुणवत्ता वाली नई साड़ियां दी जाएंगी।
मंत्री का संकल्प: “भ्रामक प्रचार नहीं, पारदर्शी न्याय ही प्राथमिकता”
विपक्ष के आरोपों को ‘भ्रामक और नकारात्मक’ करार देते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन पूरी पारदर्शिता से काम कर रहा है। मंत्री के निर्देश पर अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीम साड़ियों के एक-एक धागे की जांच करेगी।
बड़ी बात: यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा जवाब है जो इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे थे। सरकार ने दिखा दिया है कि वह अपनी कमियों को छिपाने के बजाय, उन्हें सुधारने और दोषियों को दंडित करने का साहस रखती है।
क्या है पूरा मामला ?
- विवाद की जड़: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी गई साड़ियों की क्वालिटी पर जिलों से शिकायतें आईं।
- सियासी रंग: कांग्रेस ने इसे ‘चीरहरण’ बताया और प्रदर्शन किया।
- मंत्री का जवाब: लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस काल की साड़ियों को ‘मछली पकड़ने का जाल’ बताकर चुप कराया था।
- ताजा स्थिति: अब मंत्री के कड़े रुख के बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को जांच और साड़ियां बदलने का अल्टीमेटम जारी।
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