कलेक्टर नम्रता जैन की भावुक अपील, फाइलों के साथ दिल भी जीतें अफसर, जन्मदिन पर बच्चों को दें न्योता भोज
नई पहल न्यूज नेटवर्क। नारायणपुर। कलेक्टर नम्रता जैन ने शासकीय कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का एक नया अध्याय जोड़ा है। समय-सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने न केवल विकास कार्यों की समीक्षा की, बल्कि जिला अधिकारियों को एक भावनात्मक संदेश देते हुए प्रेरित किया कि वे अपना जन्मदिन किसी बड़े समारोह के बजाय आश्रम, छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ ‘न्योता भोज’ के माध्यम से मनाएं।
“अधिकारी खुद करें शुरुआत, बच्चों के चेहरे पर लाएं मुस्कान”
बैठक में मौजूद सभी विभाग के जिला अधिकारियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने जन्मदिन पर इसकी पहल करें।
“अधिकारी जब बच्चों के बीच जाकर जन्मदिन मनाएंगे और न्योता भोज देंगे, तो इससे बच्चों में अपनापन और सुरक्षा का भाव जागेगा। समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।”
नम्रता जैन, कलेक्टर
विकास की रफ्तार: ‘नियद नेल्लानार’ और पुनर्वास पर जोर
कलेक्टर ने बैठक के दौरान प्रशासनिक कार्यों को लेकर सख्त निर्देश भी जारी किए:
- पुनर्वास नीति: माओवाद छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों का शत-प्रतिशत लाभ प्राथमिकता से दिलाने के निर्देश दिए।
- नियद नेल्लानार योजना: इस योजना के तहत चयनित 108 ग्रामों में स्वीकृत निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने को कहा, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं तुरंत मिल सकें।
- निर्माण कार्य: सभी विभागीय अधिकारियों को फील्ड पर जाकर मॉनिटरिंग करने और गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत दी।
संवेदनशील प्रशासन की नई दिशा

बैठक में कलेक्टर का यह निर्देश चर्चा का विषय बना हुआ है कि उन्होंने सरकारी योजनाओं के साथ-साथ बच्चों के पोषण और उनके सामाजिक जुड़ाव के लिए ‘न्योता भोज’ को अपनी व्यक्तिगत दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है। इससे जिले के दूरस्थ अंचलों में संचालित छात्रावासों और आंगनबाड़ियों के प्रबंधन में भी सुधार आने की उम्मीद है।







