मदद के लिए बढ़े नन्हे हाथ, आंगनबाड़ी और अटल आवास के जरूरतमंद परिवारों को बांटी खुशियाँ, पेश की मानवता की मिसाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। संभाग के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ‘दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़’ में क्रिसमस का पर्व केवल उल्लास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सेवा और समर्पण के अनूठे रंग में रंगा गया। विद्यालय द्वारा आयोजित ‘जॉय ऑफ गिविंग’ कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाया।

खिलौनों और किताबों से भरी उम्मीदों की झोली
छात्रों, शिक्षकों और प्राचार्य के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में बच्चों ने अपने घरों से खिलौने, किताबें, कपड़े और खाद्य सामग्री का संग्रह किया। इन सामग्रियों को मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 21 (संजय वार्ड) स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों और अटल निवास के जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित किया गया। जब नन्हे हाथों ने उपहार सौंपे, तो वहां मौजूद परिवारों के चेहरों पर आई मुस्कान ने ‘देने के आनंद’ को सार्थक कर दिया।

उदारता का दिव्य संकल्प: डॉ. बसंत कुमार तिवारी
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने भावुक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा:
“‘जॉय ऑफ गिविंग’ केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि हृदय की उदारता का दिव्य संकल्प है। क्रिसमस की इस पावन बेला पर हमारे छात्रों का यह प्रयास प्रभु यीशु के सेवा भाव के संदेश का जीवंत प्रतिबिंब है। हमारा लक्ष्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो एक दृढ़संकल्पित और सेवाभावी हृदय लेकर आगे बढ़ें।”
इंसानियत की सीख है शिक्षा का असली उद्देश्य: पूनम सिंह
विद्यालय की निदेशिका पूनम सिंह ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा सुख दूसरों की मदद करने में ही निहित है। उन्होंने कहा:



“हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना है। जब हम अपनी वस्तुएं साझा करते हैं, तो हम केवल सामान नहीं बल्कि उम्मीद और आत्मविश्वास देते हैं। यही मूल्य हमारे विद्यार्थियों को एक बेहतर इंसान बनाते हैं।”
अभिभावकों का मिला अभूतपूर्व सहयोग
इस पुनीत कार्य में अभिभावकों की सक्रिय भूमिका और सहयोग की विद्यालय प्रबंधन ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सामाजिक जिम्मेदारी के इस अनुपम उदाहरण ने न केवल छात्रों में सेवा भाव जागृत किया, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को संबल भी प्रदान किया। इस आयोजन की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की पौध भी तैयार कर रहा है।




