कभी बंदूक के साये में सिमटा था बचपन, अब गूंज रही स्कूल की घंटी, कलेक्टर ने किया स्कूल भवन और आश्रम का शुभारंभ
नई पहल न्यूज नेटवर्क। नारायणपुर|अबूझमाड़ का वह कोना, जहाँ कभी नक्सलियों के जूतों की धमक और बारूद की गंध हवाओं में घुली रहती थी, आज वहां उम्मीदों का नया सूरज उगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ‘रेकावाया स्कूल’ का जिक्र अपने संबोधन में कर बस्तर के बदलते स्वरूप की मिसाल दी थी, आज उसी स्कूल को अपना स्थायी और भव्य ठिकाना मिल गया है।
अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और नदी-नालों को चीरते हुए 150 किलोमीटर का फासला तय कर नारायणपुर की कलेक्टर नम्रता जैन रेकावाया और डुंगा जैसे अति-संवेदनशील इलाकों में पहुँचने वाली पहली जिला प्रमुख बन गई हैं। उनके इस दौरे ने साबित कर दिया है कि प्रशासन अब दफ्तरों से नहीं, बल्कि घने जंगलों के बीच अंतिम छोर पर बैठे ग्रामीण की चौखट से चल रहा है।

पीएम के ‘सपनों के स्कूल’ का भव्य आगाज
कलेक्टर नम्रता जैन ने रेकावाया पहुँचकर नवनिर्मित स्कूल भवन और बालक आश्रम शाला का विधिवत लोकार्पण किया। यह वही इलाका है जिसे पीएम मोदी ने ‘लाल आतंक’ से ‘शांति और विकास’ की ओर बढ़ते बस्तर का प्रतीक बताया था। कलेक्टर ने न सिर्फ रिबन काटा, बल्कि बच्चों के साथ टाट-पट्टी पर बैठकर उनके भविष्य के सपनों को सुना।
बदलाव की गूंज: जब कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं, तो मासूम आवाजों ने ‘पुलिस ऑफिसर’, ‘कलेक्टर’ और ‘शिक्षक’ बनने की इच्छा जताई। यह इस बात का प्रमाण है कि बंदूक की जगह अब बच्चों के हाथों में कलम की ताकत आ चुकी है।
विकास का ‘मास्टर प्लान’: 15 दिन में खुलेगा बाजार
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों पर भी कड़ा फैसला लिया:
- कनेक्टिविटी: रेकावाया से ओरछा तक पक्की सड़क निर्माण का भरोसा।
- अर्थव्यवस्था: ग्रामीणों की मांग पर 15 दिनों के भीतर साप्ताहिक बाजार शुरू करने के निर्देश।
- सुशासन एक्सप्रेस: गांव में ही आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और बैंक खाते जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार।
- तकनीक से शिक्षा: बच्चों की मांग पर जल्द ही स्कूल में LED TV लगाने का आश्वासन।
सुरक्षा कैंपों से बढ़ा विश्वास
क्षेत्र में स्थापित नए पुलिस कैंपों ने विकास की राह आसान की है। जहाँ पहले डर का माहौल था, वहां अब ‘जल जीवन मिशन’ के तहत नलकूप खनन, नियमित आंगनबाड़ी संचालन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच रही हैं। यह दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि राज्य शासन की उस प्रतिबद्धता का शंखनाद है कि विकास की मुख्यधारा से अब कोई भी गांव अछूता नहीं रहेगा।
टीम के साथ जमीनी पड़ताल
इस ऐतिहासिक दौरे में कलेक्टर के साथ सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल, जनपद सीईओ लोकेश चतुर्वेदी और शिक्षा मिशन के दीनबंधु रावटे सहित पूरी प्रशासनिक टीम मौजूद रही, जिन्होंने छात्रावास की भोजन व्यवस्था और स्वच्छता का बारीकी से जायजा लिया।
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