ऑनलाइन चाकू डिलीवरी बैन और लगातार पुलिस कार्रवाई के बाद अपराधियों ने निकाला नया रास्ता, 1320 धारदार कड़े जब्त

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में अपराध की दुनिया लगातार नए-नए पैतरे आजमा रही है। पुलिस ने जब चाकू की ऑनलाइन डिलीवरी पर रोक लगाई और धारदार हथियारों की बिक्री पर शिकंजा कसा, तो बदमाशों ने अपराध का नया रास्ता खोज लिया। अब वही कड़ा, जो सामान्यत: हाथ में पहनने के लिए फैशन या धार्मिक आस्था से जुड़ा रहता है, अपराधियों का नया हथियार बन चुका है। हाल ही में की गई कार्रवाई में पुलिस ने 1320 से ज्यादा ऐसे कड़े बरामद किए हैं, जिन्हें तेज धार और नुकीले किनारों के साथ खतरनाक हथियार में तब्दील किया गया था।
क्यों बंद हुआ चाकू का चलन ?
ऑनलाइन डिलीवरी बैन: चाकू और धारदार हथियारों की ऑनलाइन बिक्री पर सरकार ने रोक लगा दी।
पुलिस की सख्ती: जगह-जगह चाकू लेकर घूमने वालों पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बढ़ा।
आसानी से पकड़: चाकू या ब्लेड जैसे हथियार जेब या बैग में रखते ही आसानी से पुलिस की पकड़ में आ जाते थे।
क्यों शुरू हुआ कड़ा का चलन ?
सामान्य दिखने वाला आभूषण: कड़ा देखने में साधारण होता है, इसलिए पुलिस को शक नहीं होता।
आसानी से ले जाना: हाथ में पहना होने से तलाशी में भी बच निकलने की संभावना ज्यादा।
घातक डिजाइन: अपराधियों ने कड़े को इस तरह डिजाइन किया कि उसके किनारे नुकीले और धारदार हो गए, जिससे हमला घातक हो सकता है।
नए पैटर्न की रणनीति: चाकू बैन के बाद अपराधियों ने इसे ‘सेफ ऑप्शन’ मानकर तेजी से अपनाया।
पुलिस की चिंता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेंड बेहद खतरनाक है। अब साधारण कड़े को भी तलाशी के दौरान जांचना होगा। यह पैटर्न समाज में गंभीर अपराधों को बढ़ावा दे सकता है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के मुताबिक –जब भी अपराध पर रोक लगती है, अपराधी नए रास्ते ढूंढते हैं। चाकू पर बैन के बाद कड़े का हथियार में बदलना इस मानसिकता का ही नतीजा है। अब जरूरी है कि सरकार और पुलिस मिलकर इस पर ठोस रणनीति बनाएं।”
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