चिरमिरी में क्षमा वाणी पर्व पर बोले मंत्री – क्षमा मांगना ही नहीं, जिन्होंने मुझसे जाने-अनजाने में गलत किया है उन्हें भी मैं क्षमा करता हूँ
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। क्षमा केवल औपचारिकता नहीं, यह जीवन का आधार और समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी शक्ति है। यह प्रेरणादायी संदेश स्वास्थ्य एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने रविवार को चिरमिरी के सामुदायिक भवन, छोटा बाज़ार में आयोजित सकल दिगंबर जैन समाज के क्षमा वाणी पर्व 2025 में दिया। मंत्री जायसवाल ने मंच से हाथ जोड़कर पूरे जनसमूह के सामने कहा, यदि मेरे आचरण, वचन या किसी कार्य से किसी को दुख पहुँचा हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूँ। और इतना ही नहीं, जिन्होंने मेरे साथ जाने-अनजाने में गलत किया है, मैं उन्हें भी आज सार्वजनिक रूप से क्षमा करता हूँ। उनकी यह घोषणा सभा के लिए सबसे भावुक क्षण रही। हॉल तालियों से गूंज उठा और माहौल पूर्णत: आध्यात्मिक और प्रेरक बन गया।

क्षमा का गहरा संदेश
अपने संबोधन में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, सनातन धर्म में क्षमा को सबसे बड़ा धर्म कहा गया है। लेकिन इसकी सार्थकता तभी है जब हम इसे रोजमर्रा की जिंदगी में उतारें। क्षमा मांगना आसान है, पर वास्तव में क्षमाशील बनना ही धर्म है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सुबह उठते समय मन दो राहों पर खड़ा रहता है – अनुशासन और आलस्य के बीच – वैसे ही क्षमा भी है। केवल क्षमा मांगना नहीं, बल्कि दूसरों को क्षमा करना ही वास्तविक साधना है।
समाज की मांगें और मंत्री का आश्वासन
जैन समाज ने कार्यक्रम में भवन और टाइल्स की मांग रखी। मंत्री जायसवाल ने इसे सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि समाज की अपेक्षाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है और इस मांग को जल्द पूरा कराया जाएगा।कार्यक्रम की झलकियाँ
कार्यक्रम की झलकियाँ
भगवान महावीर की पूजा-अर्चना से प्रारंभ हुए इस भव्य आयोजन में नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अंत में मंत्री, महापौर और सभी उपस्थितजन ने सामूहिक रूप से “मिच्छामि दुक्कड़म्” का उच्चारण कर क्षमा मांगने और क्षमा करने का संदेश दिया। क्षमा वाणी पर्व का यह क्षण खास बन गया जब मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने न केवल समाज से क्षमा मांगी, बल्कि जिन्होंने उनके साथ गलत किया, उन्हें भी क्षमा कर उदाहरण पेश किया। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षमा ही सच्चा धर्म है और इसी से समाज एकजुट होता है।
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