बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने को लेकर दिए बयान से मचा बवाल, मान्यता शिविर क्षेत्र में बढ़ी आशंका

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा मुश्किलों में घिर गई हैं। रायपुर के माना थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासी गोपल सामंतो की शिकायत पर हुई है। शिकायत में कहा गया कि मोइत्रा के विवादित बयान से न केवल राष्ट्रीय एकता को ठेस पहुँची है, बल्कि रायपुर के माना कैंप क्षेत्र (जहां 1971 से बड़ी संख्या में बांग्लादेशी शरणार्थी रह रहे हैं) में भय और असुरक्षा की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है।
क्या कहा था महुआ मोइत्रा ने ?
नादिया (प. बंगाल) में गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान महुआ मोइत्रा ने कथित तौर पर कहा था—
“अगर अमित शाह बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने में असफल रहते हैं, तो पहला काम होना चाहिए कि शाह का सिर काटकर मेज पर रख दिया जाए।”
(इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।)
किन धाराओं में केस दर्ज ?
पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत दर्ज किया गया है—
धारा 196: धर्म, जाति, भाषा, निवास आदि के आधार पर विभिन्न समूहों में वैमनस्य फैलाने पर रोक।
धारा 197: ऐसे आरोप या बयान, जो राष्ट्रीय एकता के लिए घातक हों।
शिकायत में क्या कहा गया ?
शिकायतकर्ता सामंतो ने आरोप लगाया कि मोइत्रा का बयान असंवैधानिक और उकसाने वाला है। इससे माना कैंप के शरणार्थियों में भय पैदा हो गया है कि इस बयान के चलते अन्य समुदाय उनके खिलाफ भड़क सकते हैं।
मामला क्यों अहम ?
महुआ मोइत्रा अक्सर केंद्र सरकार पर तीखे हमलों के लिए जानी जाती हैं।
उनका यह बयान सीधे देश के गृह मंत्री पर लक्षित है।
मामला संवेदनशील है क्योंकि छत्तीसगढ़ का माना कैंप ऐतिहासिक रूप से 1971 बांग्लादेश युद्ध से जुड़े शरणार्थियों का बसेरा रहा है।
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