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अफसर सफर : IAS अमित कटारिया : AIR 18 रैंक से ₹ 1 वेतन तक, सादगी और ईमानदारी की मिसाल

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IIT दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद UPSC में 18वीं रैंक, बस्तर से लेकर रायपुर तक संवेदनशील पदों पर काम कर चुके हैं IAS अमित कटारिया

नई पहल न्यूज डेस्क। छत्तीसगढ़ कैडर के चर्चित IAS अधिकारी अमित कटारिया अपनी काबिलियत, सख्त प्रशासनिक शैली और सादगी के लिए जाने जाते हैं। कभी ₹1 वेतन लेने वाले अफसर के रूप में चर्चा में आए कटारिया इन दिनों छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव हैं। 2004 बैच के इस अधिकारी ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से सिस्टम में अलग पहचान बनाई है।

जन्म व पारिवारिक पृष्ठभूमि

अमित कटारिया का जन्म 15 अक्टूबर 1979 को हुआ था। उनकी उम्र वर्तमान में 45 वर्ष है। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उनमें अनुशासन और नेतृत्व क्षमता झलकने लगी थी। उनके पिता का कारोबार से जुड़ा बैकग्राउंड रहा है, जबकि पत्नी अस्मिता हैंडा पेशे से कमर्शियल पायलट हैं। पारिवारिक रूप से सक्षम होने के बावजूद कटारिया ने हमेशा सादगी को अपनी पहचान बनाया।

स्कूली शिक्षा : दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम

उच्च शिक्षा : आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (B.Tech)

पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया।

UPSC में शानदार सफलता

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी की और 2003 की परीक्षा में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की। 2004 बैच में IAS बने और छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ।

प्रशासनिक करियर

अमित कटारिया का करियर कई अहम पदों पर उनकी कार्यशैली के कारण चर्चा में रहा है।

जगदलपुर (बस्तर) के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की नई तस्वीर पेश की।

2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बस्तर यात्रा के दौरान उन्होंने सनग्लासेस पहनकर प्रोटोकॉल तोड़ दिया, जिस पर काफी विवाद हुआ था। लेकिन तब भी उन्होंने दबाव में आए बिना अपनी जिम्मेदारी निभाई।

सुकमा, और अन्य जिलों में कलेक्टर रहते हुए पारदर्शिता और विकासपरक कामों के लिए सराहे गए।

2021 में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव बने।

दिसंबर 2024 में वापसी के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।

सादगी की मिसाल : सिर्फ ₹1 वेतन

अमित कटारिया का नाम तब पूरे देश में गूंजा, जब उन्होंने सिर्फ ₹1 वेतन लेने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा था कि सेवा भावना और काम के प्रति समर्पण ही असली कमाई है, न कि मोटा वेतन। यह कदम उनकी सोच और सादगी को दर्शाता है।

निजी जीवन

पत्नी : अस्मिता हांडा (कमर्शियल पायलट)

परिवार : दिल्ली-एनसीआर में कारोबारी पृष्ठभूमि

रुचियां : सामाजिक सुधार, तकनीक और शिक्षा को प्रशासन से जोड़ना

क्यों अलग पहचान रखते हैं IAS अमित कटारिया

IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई

UPSC में AIR 18, बैच 2004

बस्तर और सुकमा जैसे संवेदनशील जिलों में विकास की नई राहें खोलीं

सनग्लासेस विवाद के बावजूद ईमानदारी से काम किया

केवल ₹1 वेतन लेकर मिसाल पेश की

वर्तमान में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव

क्यों खास हैं अमित कटारिया

UPSC AIR-18 (2003 बैच)।

IIT दिल्ली से बीटेक (इलेक्ट्रिकल)।

करियर की शुरुआत में प्रतीकात्मक ₹1 वेतन लेकर दी सादगी की मिसाल।

पत्नी अस्मिता हांडा हैं कमर्शियल पायलट।

वेकई जिलों में कलेक्टर, केंद्र में संयुक्त सचिव और अब छत्तीसगढ़ के हेल्थ सेक्रेट्री।

अमित कटारिया छत्तीसगढ़ के उन IAS अफसरों में गिने जाते हैं, जिनकी कार्यशैली, सादगी और दूरदर्शिता ने उन्हें आम लोगों से जोड़ा। अब स्वास्थ्य सचिव के रूप में उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को और बेहतर दिशा देंगे।

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