बिलासपुर में बुलडोजर एक्शन : अवैध चर्च ढहाया गया
सरकारी जमीन पर बना विवादित भवन, प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का मामला आया था सामने
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। प्रशासन ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित चर्चनुमा भवन पर बुलडोजर चला दिया। हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया। मौके पर भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
अवैध निर्माण पर गिरी गाज
जानकारी के अनुसार, विवादित भवन सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के बनाया गया था। यहाँ पर प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी।

प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का खुलासा
कुछ समय पहले इसी भवन में आयोजित प्रार्थना सभाओं के दौरान लोगों को बहलाने-फुसलाने और धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान पाया गया कि भवन का निर्माण अवैध है और इसका इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के नाम पर विवादित कार्यों के लिए हो रहा है।
प्रशासन की सख्ती
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आज सुबह बुलडोजर भेजकर भवन को धराशायी कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
पुराने घटनाक्रम
बता दें कि बिलासपुर में पिछले कुछ महीनों से धर्मांतरण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। बीते महीने भी बिल्हा और कोटा क्षेत्र में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का मामला उजागर हुआ था, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले तखतपुर इलाके में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
समाज में बढ़ रही चिंता
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि धर्मांतरण की घटनाएँ नहीं रुकीं तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी। यह बुलडोजर कार्रवाई न सिर्फ अवैध निर्माण पर नकेल कसने का संदेश देती है बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के प्रयास अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।


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