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NSUI का महासंग्राम : प्रदेश के 250 कॉलेजों में एक साथ गूंजी छात्र संघ चुनाव की मांग, 6 अप्रैल को होगा ‘आर-पार’

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रायपुर से लेकर बस्तर तक छात्र शक्ति का शक्ति प्रदर्शन; प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने भरी हुंकार “अब चुप नहीं बैठेगा छात्र”

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की छात्र राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने प्रदेश की सोई हुई सत्ता को जगाने के लिए एक साथ 250 महाविद्यालयों में मोर्चा खोल दिया। छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपे गए इस ‘महा-ज्ञापन’ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब प्रदेश का युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुका है। राजधानी रायपुर के महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में खुद प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कमान संभाली और दो टूक शब्दों में कह दिया— “छात्र राजनीति नेतृत्व की पहली पाठशाला है, इस पर ताला लगाना लोकतंत्र की हत्या है।”

6 अप्रैल को होगा ‘चक्का जाम’: विश्वविद्यालयों के घेराव का ऐलान

​आज के इस चरणबद्ध आंदोलन की सबसे बड़ी घोषणा आगामी 6 अप्रैल को लेकर हुई है। NSUI ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के एक साथ घेराव का बिगुल फूंक दिया है। संगठन का दावा है कि इस दिन हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर व्यवस्था को ठप कर देंगे, जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।

नीरज पांडेय का कड़ा प्रहार: “सिर्फ चुनाव नहीं, छात्रों के भविष्य का सवाल”

​ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा:

छात्र संघ चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की गारंटी है। आज कॉलेजों में फीस बेतहाशा बढ़ रही है, SC/ST/OBC छात्रों की छात्रवृत्ति डकार ली जा रही है, और लाइब्रेरी से लेकर पीने के पानी तक के लिए छात्र तरस रहे हैं। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि कैंपस में छात्रों की चुनी हुई कोई आवाज नहीं है।

इन ज्वलंत मुद्दों पर घेरा प्रशासन को:

​NSUI ने अपने ज्ञापन में केवल चुनाव ही नहीं, बल्कि छात्रों की रग-रग से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है:

  • छात्रवृत्ति में देरी: आरक्षित वर्ग और EWS छात्रों को समय पर स्कॉलरशिप न मिलना।
  • बुनियादी सुविधाओं का अकाल: इंटरनेट, पेयजल, स्वच्छता और शिक्षकों की भारी कमी।
  • परीक्षा परिणाम में धांधली: अनियमित परीक्षा शेड्यूल और लेटलतीफी से करियर पर संकट।
  • महंगाई की मार: लगातार बढ़ती कॉलेज फीस और हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था।

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

​रायपुर के प्रदर्शन में संगठन की एकजुटता साफ नजर आई। प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, संगठन महामंत्री हेमंत पाल, निखिल वंजारी, वैभव मुंजेवार, पुनेशर लहरे, अंकित शर्मा, प्रियांशु सिंह, और विनायक तिवारी समेत भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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