बड़ा हमला : बेटियों के गले में नकली चांदी डालना अक्षम्य अपराध, जांच पूरी होने तक तुरंत हटाए जाएं जिम्मेदार अफसर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब बेटियों को बांटे गए कथित नकली और घटिया मंगलसूत्रों का मामला अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। खड़गवां के चनवारीडांड में हुए इस घटनाक्रम को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर उच्चस्तरीय स्वतंत्र अथवा न्यायिक जांच की मांग कर डाली है। कमरो ने इसे महज एक वित्तीय गड़बड़ी मानने से साफ इनकार करते हुए इसे ‘प्रदेश की बेटियों के आत्मसम्मान और पवित्र रिश्ते के साथ क्रूर खिलवाड़’ करार दिया है।
निष्पक्ष जांच के लिए कमरो की ‘कड़ी शर्त’ : पहले कुर्सी से हटाएं, फिर हो जांच
इस पूरे मामले में पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सरकार के सामने पहली और सबसे बड़ी शर्त प्रशासनिक सर्जरी की रखी है:
- तत्काल प्रभाव से हटे अमला: गुलाब कमरो ने मांग की है कि जब तक इस पूरे घपले की उच्चस्तरीय जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पदों से तत्काल हटा दिया जाए।
- साक्ष्यों को दबाने की आशंका: उन्होंने अंदेशा जताया कि रसूखदार अधिकारियों के पदों पर रहते हुए निष्पक्ष जांच मुमकिन नहीं है, क्योंकि वे अपने प्रभाव से सबूतों और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
सरकार के ‘सुशासन’ को कटघरे में खड़े करते कमरो के तीन तीखे सवाल :
पूर्व विधायक ने अपने आधिकारिक बयान में सीधे सरकार की नीयत को चुनौती देते हुए पूछा कि इस ‘हाईलेवल जांच’ में निम्नलिखित बिंदुओं का सच सामने आना ही चाहिए:
”सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि पवित्र योजना की आड़ में गरीब बेटियों के हक पर डाका डालने का यह ‘खतरनाक खेल’ किसके इशारे पर खेला गया? टेंडर से लेकर सामग्री की खरीदी और उसके वितरण की कड़ियों में किन-किन अधिकारियों और सप्लायरों की जेबें गर्म हुईं? और सबसे अहम बात, इस पूरे भ्रष्टाचार को किसका मूक संरक्षण हासिल है?”
‘जांच अपनी जगह, बेटियों को न्याय अपनी जगह’ — तुरंत बदलें मंगलसूत्र
गुलाब कमरो ने पीड़ित परिवारों और नवविवाहिताओं की आवाज बनते हुए कहा कि जांच की प्रक्रिया अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन सरकार को अपनी गलती का प्रायश्चित तुरंत करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि:
- प्रशासन बिना किसी देरी के उन सभी संदिग्ध और घटिया मंगलसूत्रों को वापस ले, जिन पर हितग्राहियों ने उंगली उठाई है।
- उनके स्थान पर सभी नवविवाहित बेटियों को शासकीय मापदंडों के अनुरूप उच्च मानक और 100% असली चांदी के मंगलसूत्र ससम्मान उनके घर पहुंचाकर दिए जाएं।
विपक्ष का अल्टीमेटम : दोषी पाए गए तो सीधे हो जेल की कार्रवाई
महिला एवं बाल विकास विभाग में लगातार आ रही शिकायतों का हवाला देते हुए गुलाब कमरो ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। यदि इस हाईलेवल जांच में गड़बड़ी और मिलावट की बात साबित होती है, तो दोषियों को विभागीय सस्पेंशन जैसी मामूली कार्रवाई से न बचाया जाए, बल्कि उनके खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।
“बेटियों के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि शिकायतें सही हैं तो दोषियों को हर हाल में जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और प्रभावित हितग्राहियों को न्याय मिलना ही चाहिए।”
— गुलाब कमरो, पूर्व विधायक
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