‘दल मिले न मिले, दिल मिलने चाहिए’— रायपुर के ऑफिसर्स कॉलोनी से लेकर सियासी गलियारों तक दिखी दलगत राजनीति से ऊपर उठती अनूठी सौहार्द की झलक
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में वैचारिक मतभेदों से इतर आत्मीयता और शिष्टाचार का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। दिल्ली से स्वास्थ्य लाभ लेकर रायपुर लौटे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से मिलने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज खुद उनके निवास पहुँचे। इसके अलावा, भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके घर जाकर उनका हालचाल जाना और कुशलक्षेम पूछा। वहीं दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव से मुलाकात की।
गौरतलब है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, दोनों का निवास राजधानी रायपुर के ऑफिसर्स कॉलोनी में स्थित है। पड़ोसी होने के साथ-साथ अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन नेताओं की इस मुलाकात ने साबित कर दिया कि राजनीति में विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन आपसी आत्मीयता और कटुतामुक्त संबंध ही लोकतंत्र की असली खूबसूरती हैं।

किरण सिंह देव का जाना हालचाल, शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना

दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ लेने के उपरांत रायपुर लौटे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निवास पर उनका हालचाल जानने वालों का तांता लगा रहा। नेताओं ने उनसे शिष्टाचार भेंट की और माँ दंतेश्वरी से उनके शीघ्र व पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थिति दर्ज कराने वालों में शामिल थे:
- प्रभारी महामंत्री: मलकीत सिंह गैदु
- वरिष्ठ नेता: सत्तार अली
- प्रदेश महामंत्री: सकलेन कामदार
डॉ. रमन सिंह ने टी.एस. सिंहदेव से की शिष्टाचार भेंट

राजनीतिक सौहार्द की एक और सुंदर तस्वीर देखने को मिली, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। दोनों नेताओं के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।
विचारधाराएं भिन्न, पर कायम है आत्मीय रिश्ता
चुनावों और राजनीतिक बयानों के तीखे हमलों के बीच दोनों प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात छत्तीसगढ़ की उच्च राजनीतिक परंपरा को दर्शाती है। परस्पर विरोधी दलों में होने के बावजूद नेताओं की यह आत्मीयता संदेश देती है कि — “दल मिले न मिले, दिल मिले रहने चाहिए।”
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