बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और संरक्षण को समर्पित इस विधिक जागरूकता सत्र में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ‘सुरक्षित बचपन’ विषय पर एक भव्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवंत वासनिक तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार (मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बाल अधिकारों और सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों की जानकारी
सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना था। इस दौरान छात्रों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित माहौल में शिक्षा ग्रहण करने, सम्मानजनक जीवन जीने और अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का पूरा अधिकार है।

बच्चों को सिखाई गई सतर्कता और आत्मरक्षा की सीख
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित व्यवहार की पहचान करने और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति पूरी तरह सजग रहने की सीख दी गई। उन्हें प्रेरित किया गया कि विषम परिस्थितियों में बिना किसी भय के अपने अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वसनीय वयस्कों से खुलकर सहायता लें। इसके साथ ही, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में समाज और शिक्षण संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी विशेष जोर दिया गया।

नैतिक और भावनात्मक सशक्तीकरण पर जोर
विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी वर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, सतर्कता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
यह प्रेरणादायी सत्र विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ एक सुरक्षित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
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