भरतपुर-सोनहत विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी से आंदोलन को मिली ताकत
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। वन विभाग के खिलाफ DFO कार्यालय घेराव के दौरान, भरतपुर-सोनहत विधानसभा के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मंच से कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा कि कितने लोग इसके बाद कलेक्टर कार्यालय का घेराव कराना चाहेंगे, जिस पर भीड़ ने उत्साहपूर्वक हाथ उठाकर अपनी सहमति दी।आज के DFO घेराव कार्यक्रम में, यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि आंदोलन को सबसे अधिक शक्ति और संख्या पूर्व विधायक गुलाब कमरो के विधानसभा क्षेत्र भरतपुर-सोनहत से आए कांग्रेसियों और समर्थकों ने प्रदान की। इस बड़ी संख्या में हुई भागीदारी ने आंदोलन को एक क्षेत्रीय मजबूती दी और प्रशासन पर दबाव बढ़ाने का काम किया। कमरो ने DFO कार्यालय के घेराव को सिर्फ शुरुआत बताते हुए स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस का अगला और निर्णायक आंदोलन कलेक्टर के खिलाफ होगा, क्योंकि उनके मुताबिक़ जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है।
विधायक ने गिनाए गंभीर आरोप: भ्रष्टाचार और गरीबों के घर तोड़ने का मुद्दा
अपने ओजस्वी भाषण में, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और जिले के कई ज्वलंत मुद्दों को उठाया:
- गरीबों पर अत्याचार: कमरो ने आरोप लगाया कि मनेंद्रगढ़, चैनपुर और अन्य सार्वजनीन क्षेत्रों में अतिक्रमण के नाम पर लगातार गरीबों के घर गिराए जा रहे हैं।
- जिला निर्माण का उद्देश्य: उन्होंने भूपेश बघेल सरकार द्वारा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) को जिला बनाने के उद्देश्य को याद दिलाते हुए कहा, “हमने जिला यहाँ के लोगों के पालन-पोषण और बेहतरी के लिए बनाया था, न कि यहाँ का घर गिराने के लिए।”
- किसान और न्याय: उन्होंने घोषणा की कि अगला आंदोलन किसानों के हित में और उन्हें न्याय दिलाने के लिए होगा।
- पूर्व विधायक कमरो ने सीधे जिले के कलेक्टर पर निशाना साधते हुए कहा:
“मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है कि जिले का कलेक्टर अगर ईमानदार नहीं है, तो सबसे बड़ा भ्रष्टाचार इसी जिले में है।”
उन्होंने आगे बाल विकास विभाग, वन विभाग, और यहाँ तक कि साउथ के एनजीओ के माध्यम से हो रहे कथित भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पूरे जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है।
घेराव की रणनीति और अगला कूच
कांग्रेस के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि जिले की राजनीति में हलचल तेज होने वाली है। कार्यकर्ताओं के समर्थन के बाद कमरो ने घोषणा की:



“इसलिए अब हम लोग चलेंगे, कूच करेंगे…कलेक्टर कार्यालय घेराव की तरफ!“
DFO कार्यालय के बाहर की गई यह घोषणा अब जिला मुख्यालय को कलेक्टर कार्यालय के संभावित घेराव के लिए तैयार रहने का स्पष्ट संकेत दे रही है।




