परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद भी ‘अस्थायी’ हैं अधिकारी, कृषि अधिकारी संघ ने उप संचालक को गिनाईं विभागीय दिक्कतें
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के कृषि विकास और किसानों की उन्नति में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले कृषि अधिकारियों ने अब अपने अधिकारों के लिए मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ की नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी ने जिला अध्यक्ष दीपक कुमार साहू के नेतृत्व में उप संचालक कृषि से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी मांगों को प्रमुखता से रखा।
वर्षों का समर्पण, फिर भी ‘स्थायी’ होने का इंतजार
संघ के प्रतिनिधियों ने उप संचालक कृषि इंद्रासन पैकरा और सहायक संचालक जयंत पैकरा से शिष्टाचार भेंट कर जिले में कार्यरत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और कृषि विकास अधिकारियों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की। संघ का मुख्य मुद्दा नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को ‘अस्थायी से स्थायी’ करने का रहा।
जिला अध्यक्ष दीपक कुमार साहू ने कहा कि जिले के कृषि अधिकारी शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं और किसान हितैषी कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने के लिए दिन-रात समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद, स्थायीकरण की प्रक्रिया में हो रही देरी से अधिकारियों के मनोबल पर विपरीत असर पड़ रहा है।

शीघ्र कार्रवाई का मिला आश्वासन
संघ ने पुरजोर मांग की है कि स्थायीकरण की इस फाइल को प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर पर भेजा जाए ताकि अधिकारियों को उनका वाजिब हक मिल सके। मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उप संचालक कृषि इंद्रासन पैकरा ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय को उच्च स्तर पर प्रस्तुत करेंगे और प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान प्रांतीय प्रतिनिधि आशीष नामदेव, जिला सचिव विकास चौरसिया, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार गुप्ता और अंशुल जायसवाल सहित संघ के अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।







