बाबा गुरु घासीदास की जयंती पर श्रद्धा का सैलाब; विधायक बोलीं, “बाबा के उपदेशों में ही छिपा है सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग”
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के प्रतीक संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जयंती के अवसर पर संजारी-बालोद विधानसभा के ग्राम पड़कीभाट में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ आयोजित भव्य समारोह में क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नवीन जोड़ा जैतखाम का लोकार्पण किया। सफेद ध्वज की छाया और सतनाम मंत्रोच्चार के बीच पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
श्वेत ध्वज के नीचे एकजुट हुआ समाज
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक भजन-कीर्तन और गुरु वंदना के साथ हुआ। जैतखाम लोकार्पण के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने गुरु बाबा के जयकारे लगाए। मुख्य अतिथि विधायक संगीता सिन्हा के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रेश हिरवानी ने भी बाबा की गद्दी पर मत्था टेककर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। राजनीति से ऊपर उठकर महापुरुषों के सम्मान में जुटी यह भीड़ सामाजिक एकजुटता की मिसाल बनी।
“बाबा का संदेश आज भी प्रासंगिक” — संगीता सिन्हा
जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के पथ-प्रदर्शक हैं। उन्होंने कहा:
“बाबा घासीदास जी ने ‘मनखे-मनखे एक समान’ का जो अमर संदेश दिया, वह विश्व शांति का मूल आधार है। उन्होंने ऊंच-नीच और भेदभाव की बेड़ियों को तोड़कर समाज को समानता का आइना दिखाया। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम उनके बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलें। उनकी अमृतवाणी को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
समरसता की बही बयार
विधायक ने समाज के वरिष्ठों और युवाओं से अपील की कि वे सतनाम परंपरा को संजोए रखें और आपसी भाईचारे के साथ क्षेत्र के विकास में सहभागी बनें। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित चन्द्रेश हिरवानी ने भी बाबा के आदर्शों पर प्रकाश डाला।इस गरिमामयी अवसर पर विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, जनपद सदस्य निर्मला बंजारे, वैभव साहू, राकेश उईके, हेमंत यादव, रामचंद मारकंडे, गौतम मारकंडे सहित सतनाम समाज के प्रमुख पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।







