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विशेष लेख : मनरेगा से ‘वीबी-जी राम-जी’ तक : MCB जिले में ग्रामीण आजीविका का उदय

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वनांचल और आदिवासी अंचलों में रोजगार गारंटी से ‘आत्मनिर्भरता’ की ओर बढ़ते कदम

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिला अपनी घने वन क्षेत्रों और पहाड़ी भौगोलिक संरचना के कारण छत्तीसगढ़ का एक विशिष्ट अंचल है। यहाँ की आर्थिकी सदैव प्रकृति और मानसूनी कृषि पर निर्भर रही है। ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ने बीते दो दशकों में यहाँ के ग्रामीण जीवन को जो संबल दिया, वह अब वीबी-जी राम-जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन – ग्रामीण) के रूप में एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश कर रहा है।

परिवर्तन की बयार: केवल मजदूरी नहीं, अब ‘स्थायी संपत्ति’ पर जोर

​जिले में मनरेगा के अनुभवों ने यह सिद्ध किया है कि यहाँ के ग्रामीणों में श्रम के प्रति गहरी निष्ठा है। जहाँ पहले मनरेगा केवल 100 दिनों के रोजगार का माध्यम था, वहीं अब वीबी-जी राम-जी इसे ‘आजीविका सुरक्षा’ के एक वृहद कैनवास पर उतार रहा है।

  • पलायन पर अंकुश: गाँव में ही सम्मानजनक और अधिक दिनों का रोजगार मिलने से पलायन की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है।
  • परिसंपत्ति निर्माण: अब ध्यान केवल गड्ढे खोदने पर नहीं, बल्कि चेकडैम, खेत-तालाब और सीसी रोड जैसी टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण पर है।

वीबी-जी राम-जी: वित्तीय सुदृढ़ता और आधुनिक दृष्टिकोण

​केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की वित्तीय साझेदारी ने इस योजना को नई शक्ति दी है। वर्ष 2026 के लिए आवंटित ₹86,000 करोड़ का बजट इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण विकास अब देश की मुख्यधारा का हिस्सा है।

  • पीएम गति-शक्ति से जुड़ाव: ग्राम पंचायतों की योजनाओं को डिजिटल और रणनीतिक रूप से गति-शक्ति ढांचे से जोड़ना, विकास की रफ्तार को दोगुना कर रहा है।
  • जलवायु-सहिष्णु ढांचा: वनांचल जिला होने के नाते MCB में ऐसी संरचनाएं बनाई जा रही हैं जो जलवायु परिवर्तन के दौर में भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखेंगी।

125 दिनों का भरोसा: आत्मनिर्भरता का नया संकल्प

​इस मिशन की सबसे क्रांतिकारी उपलब्धि रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करना है। यह अतिरिक्त 25 दिन केवल अंक नहीं, बल्कि एक ग्रामीण परिवार के लिए अतिरिक्त आय, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य का मार्ग हैं।

“आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आजीविका का सीधा संबंध प्रकृति से है। जल सुरक्षा और बेहतर बाजार संपर्क (मार्केट लिंकेज) के जरिए यह मिशन वनांचल के गाँवों को स्वावलंबी बना रहा है।”

सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भविष्य

​वीबी-जी राम-जी के माध्यम से जिले में न केवल जल संरक्षण और मृदा सुधार हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आ रहा है। यह योजना अब केवल ‘रोजगार’ की गारंटी नहीं, बल्कि ‘सम्मानजनक जीवन’ की गारंटी बन गई है। राज्य और जिला प्रशासन का यह समन्वित प्रयास निश्चित रूप से MCB जिले को छत्तीसगढ़ के विकास मानचित्र पर एक ‘आजीविका मॉडल’ के रूप में स्थापित करेगा।

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