नगर पालिका के खिलाफ फूटा पार्षदों का गुस्सा; पीला और दूषित पानी पीने को मजबूर जनता, सेहत पर मंडराया भारी खतरा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़ ।नगरपालिका क्षेत्र में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बल्कि बीमारी की सप्लाई हो रही है! शहर के कई वार्डों में लगातार आ रहे गंदे और पीले पानी से त्रस्त जनता का सब्र आखिरकार टूट गया। आम जनता की इस सुलगती समस्या को लेकर आज कांग्रेस पार्षद कृतिका रवि जैन के नेतृत्व में पार्षदों और दिग्गज नेताओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित पार्षद सीधे पानी टंकी के सामने धरने पर बैठ गए, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

“पानी नहीं, बीमारी बांट रही नगरपालिका” – धरने पर बैठी
शहरवासियों की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ के खिलाफ आयोजित इस धरने में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। कृतिका रवि जैन के धरने पर बैठते ही नगर पालिका के पूर्व और वर्तमान दिग्गज नेता भी उनके समर्थन में उतर आए।
इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- राजकुमार केशरवानी (पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष)
- नेता प्रतिपक्ष अनिल प्रजापति, गिरधर जायसवाल (पार्षद), अजय जायसवाल, किरण कुजूर, स्वप्निल सिन्हा
- मुकेश अग्रवाल (पार्षद),
- हाफिज मेमन, अमित पोद्दार, विकास श्रीवास्तव, गीतिका चंदेल गुलाम हैदर, गिरीश चंदेल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता।
जनता की सेहत दांव पर, प्रशासन मौन क्यों ?
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि नगरपालिका क्षेत्र के कई वार्डों में लंबे समय से दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई की जा रही है। पीला पानी आने की वजह से घरों में खाना बनाना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने तक में दिक्कत आ रही है। सबसे बड़ा डर महामारी फैलने का है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है, लेकिन बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।
जब तक शहर की जनता को साफ और शुद्ध पेयजल मिलने की ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक हमारा यह विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
– कृतिका रवि जैन (कांग्रेस पार्षद)
बढ़ सकती हैं नगरपालिका की मुश्किलें
पानी टंकी के सामने चल रहे इस हाई-प्रोफाइल धरने ने शहर की सियासत को गरमा दिया है। विपक्षी पार्षदों के इस कड़े रुख के बाद अब गेंद नगरपालिका प्रशासन और अध्यक्ष के पाले में है। देखना होगा कि इस चौतरफा घेराबंदी के बाद प्रशासन जागता है या मनेन्द्रगढ़ की जनता को ऐसे ही गंदे पानी के भरोसे छोड़ दिया जाएगा।
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