कोरिया-एमसीबी की ‘लाइफलाइन’ पर फिर से दौड़ेगी उम्मीद; कोविड के बाद से अधूरी सुविधाओं को बहाल करने की उठी मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क । मनेंद्रगढ़|कोरिया और एमसीबी जिले के रेल यात्रियों की वर्षों पुरानी और अत्यंत महत्वपूर्ण मांग को लेकर क्षेत्रीय सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र की जनता की तकलीफों को संजीदगी से लेते हुए, सांसद महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस (11751/11752) के प्रतिदिन संचालन की पुरजोर मांग की है।
सांसद ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यह ट्रेन केवल एक रेल सेवा नहीं, बल्कि इस अंचल के हजारों परिवारों के लिए ‘जीवनरेखा’ है, जिसे प्रतिदिन चलाना जनहित में अनिवार्य है।

प्रमुख बिंदु: क्यों जरूरी है प्रतिदिन संचालन ?
सांसद महंत ने अपने पत्र में उन ठोस कारणों का उल्लेख किया है, जो इस मांग को जायज ठहराते हैं:
- कोविड पूर्व की स्थिति: महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक ढांचा सुचारु था।
- यात्रियों की परेशानी: वर्तमान में सीमित दिनों के संचालन से व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले विद्यार्थियों को भारी आर्थिक और मानसिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
- क्षेत्रीय विकास: चिरमिरी-रीवा मार्ग मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच व्यापारिक सेतु का काम करता है, जिसके नियमित होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
कांग्रेस नेतृत्व का मिला भारी समर्थन
सांसद की इस पहल का जिले भर में स्वागत हो रहा है:



“जनभावनाओं की जीत होगी : सांसद महंत की यह पहल पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। कोरिया और एमसीबी संभाग के लोगों को इस ट्रेन के प्रतिदिन चलने का बेसब्री से इंतजार है। केंद्र सरकार को जनहित में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
— अशोक श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष
आम जनता की आवाज है यह मांग : यह ट्रेन हमारे क्षेत्र के विद्यार्थियों और मध्यम वर्ग के लिए सबसे सुलभ साधन है। सांसद जी ने उनकी आवाज को दिल्ली तक पहुँचाया है। इसके नियमित होने से क्षेत्र के विकास में नए आयाम जुड़ेंगे।
— सौरभ मिश्रा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष (मनेंद्रगढ़ शहर)
अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में
सांसद ज्योत्सना महंत के इस पत्र ने एक बार फिर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के संचालन पर सवाल खड़े किए हैं कि जब स्थिति सामान्य हो चुकी है, तो सुविधाएं पूर्ववत क्यों नहीं की जा रही हैं? अब देखना यह होगा कि रेल मंत्रालय क्षेत्रवासियों की इस ‘संजीवनी’ को कब तक बहाल करता है।




