पीएम मोदी के वर्चुअल उद्बोधन और स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में भव्य आगाज, प्रदेश की पहली 5 बालिकाओं का हुआ टीकाकरण
नई पहल न्यूज नेटवर्क। एमसीबी/खड़गवां।छत्तीसगढ़ में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। एमसीबी जिले के खड़गवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से प्रदेश स्तरीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का भव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया। सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ यह अभियान देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राजस्थान से किए गए वर्चुअल उद्बोधन और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। खड़गवां में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फीता काटकर विधिवत शुरुआत की।
देश का ‘मॉडल’ बना खड़गवां, पहली लाभार्थी बनीं 5 बालिकाएं
यह खबर खड़गवां के लिए विशेष है, क्योंकि खड़गवां को प्रदेश का पहला टीकाकरण केंद्र होने का गौरव प्राप्त हुआ है।
- ऐतिहासिक पल: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़गवां क्षेत्र की 05 बालिकाओं का टीकाकरण कर इस महाअभियान का आगाज किया। ये पाँचों बालिकाएँ पूरे प्रदेश में एचपीवी टीके की पहली लाभार्थी बनीं।
- सम्मान: मंत्री ने सभी बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए टीकाकरण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
स्वास्थ्य मंत्री का ऐलान: “पोलियो की तर्ज पर कैंसर मुक्त होगा प्रदेश”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अभियान को ‘दूरदर्शी’ बताया।
यह टीकाकरण अभियान भविष्य में पोलियो उन्मूलन की तरह ही सर्वाइकल कैंसर को जड़ से समाप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए यह टीका पूरी तरह निशुल्क है। एक टीके की लागत लगभग ₹4000 है, जिसका संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।
CMHO डॉ. खरे ने दी अभियान की विस्तृत जानकारी
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खरे ने कहा कि देश में महिलाओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण कैंसर है। इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।



- लक्ष्य: अभियान के तहत मुख्य रूप से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा।
- प्रतिबद्धता: CMHO ने विश्वास दिलाया कि जिले में चिन्हित 4000 बालिकाओं का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि मितानिन बहनों और स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों की भूमिका इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण है। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक इस टीकाकरण की जानकारी पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि प्रदेश की माताएं-बहनें इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें।




