UPSC की तपस्या से खाकी का गौरव : जब खुली जीप में निकलीं IPS दर्शना, तो हर आँख में गर्व और हर जुबां पर था वंदे मातरम
नई पहल न्यूज नेटवर्क। जनकपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र चांग भखार की माटी ने आज एक नया इतिहास रचा है। जनकपुर की गलियों में पली-बढ़ी दर्शना सिंह (ग्रेसी) UPSC में 383वीं रैंक हासिल की, तो स्वागत ऐसा था जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। यह केवल एक बेटी का स्वागत नहीं था, बल्कि उन हजारों सपनों का उत्सव था जो छोटे शहरों की तंग गलियों से निकलकर आसमान छूने का माद्दा रखते हैं।
फूलों की बारिश और ऑटोग्राफ की होड़: रोल मॉडल बनीं ‘दर्शना दीदी’
सोमवार को जनकपुर की सड़कें फूलों से पट गईं। खुली गाड़ी में अपने पिता अरुण सिंह और माता सीमा सिंह के साथ सवार दर्शना का रोड शो जहाँ-जहाँ से गुजरा, वहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग छतों से फूल बरसा रहे थे, माताएं आरती उतार रही थीं और युवा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। सबसे भावुक दृश्य तब दिखा जब स्कूली बच्चे अपनी ‘दर्शना दीदी’ की एक झलक पाने के लिए बेकाबू हो गए। कोई ऑटोग्राफ मांग रहा था तो कोई बस उन्हें छूकर यह यकीन करना चाहता था कि मेहनत से IPS का पद भी पाया जा सकता है।
सत्ता के शीर्ष से मिला आशीर्वाद: मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने कहा- ‘छत्तीसगढ़ का गौरव‘
दर्शना की सफलता की चमक इतनी तेज थी कि प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और दिग्गज नेत्री रेणुका सिंह ने खुद वीडियो कॉल कर बिटिया को बधाई दी। प्रशासनिक गलियारों के बड़े अफसर और जनप्रतिनिधि उनके घर पहुंचकर इस ‘बेटियों की जीत’ के साक्षी बने।
पार्षद माँ का गौरव: “मेरी जीत से बड़ी है बेटी की सफलता”
एक माँ के लिए इससे बड़ा दिन क्या होगा? दर्शना की माँ सीमा सिंह, जो स्वयं भाजपा पार्षद हैं, जनसमर्थन के इस सैलाब को देख भावुक हो उठीं। उन्होंने स्वीकार किया कि जब वे पार्षद का चुनाव जीती थीं, तब भी ऐसा हुजूम और ऐसा प्रेम नहीं देखा था। आज बेटी की उपलब्धि ने पूरी चांग भखार की जनता को एक सूत्र में पिरो दिया है।







