पेयजल, यातायात और शहरी विकास को लेकर दिए कड़े निर्देश; हसिया-हसदेव संगम बनेगा नया पर्यटन केंद्र
नई पहल न्यूज नेटवर्क। एमसीबी |मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) की कलेक्टर संतन देवी जांगड़े आज शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए खुद सड़कों पर उतरीं। उन्होंने शहर के विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

शुद्ध पेयजल के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का जायजा
निरीक्षण की शुरुआत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से हुई। कलेक्टर ने पेयजल शोधन की पूरी प्रक्रिया को देखा और वितरण प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- शहर के हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो।
- गुणवत्ता मानकों की समय-समय पर जांच की जाए।
- जलापूर्ति में आने वाली तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति: पार्किंग और सड़क विस्तार की योजना
शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कलेक्टर ने भूपेंद्र क्लब और एसडब्ल्यूसी गोदाम की खाली भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थलों का उपयोग पार्किंग और सड़क विस्तार के लिए करने की संभावनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर को व्यवस्थित करने के लिए नागरिक सुविधा केंद्रित प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार करें।
हसिया नदी फ्रंट बनेगा शहर की नई पहचान
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हसिया नदी तट रहा। कलेक्टर ने इस क्षेत्र को एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया।
- नया कॉरिडोर: हसिया नदी फ्रंट पर वॉकिंग ट्रैक और सड़क निर्माण की योजना है।
- संगम विकास: हसिया और हसदेव नदी के संगम क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।
- सौंदर्यीकरण: इस पूरे बेल्ट को हरा-भरा और आकर्षक बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को सैर-सपाटे के लिए एक सुंदर जगह मिल सके।
आधुनिक स्वच्छता प्रबंधन: बनेगा नया एसटीपी
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कलेक्टर ने प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए चिन्हित भूमि का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सीवेज प्रबंधन के बिना सुनियोजित शहरी विकास अधूरा है। इसके साथ ही उन्होंने एसआरएलएम (SRLM) सेंटर पहुंचकर आजीविका गतिविधियों की भी समीक्षा की और स्थानीय लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
कलेक्टर का कड़ा संदेश:
“प्रत्येक विकास कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता अनिवार्य है। जनहित के कार्यों में देरी या कोताही कतई स्वीकार्य नहीं होगी। हमारा लक्ष्य नगर को एक नई और आधुनिक पहचान देना है।”
उपस्थिति:
इस निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेंद्रगढ़, मुख्य नगरपालिका अधिकारी मनेंद्रगढ़ सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
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