संसद से पंचायत तक, अब महिलाएं लिखेंगी नए भारत की नियति, भाजपा जिलाध्यक्ष ने विधेयक को बताया ऐतिहासिक मील का पत्थर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। भारतीय जनता पार्टी (MCB) की जिलाध्यक्ष और पूर्व संसदीय सचिव चंपा देवी पावले ने महिला आरक्षण विधेयक को भारतीय राजनीति के इतिहास में एक युगांतरकारी कदम करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि यह कानून न केवल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि देश के लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’
श्रीमती पावले ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
- 33% आरक्षण: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण।
- लक्ष्य 2029: वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में इस व्यवस्था के लागू होने से महिलाओं को नेतृत्व के व्यापक अवसर मिलेंगे।
- सामाजिक बदलाव: पावले ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतिनिधित्व का विषय नहीं, बल्कि समान अवसर की दिशा में एक बड़ी सामाजिक क्रांति है।
छत्तीसगढ़: महिला सशक्तिकरण का ‘रोल मॉडल’
चंपा देवी पावले ने छत्तीसगढ़ में भाजपा के शासनकाल को महिला उत्थान का स्वर्ण काल बताया। उन्होंने राज्य में हुए प्रमुख बदलावों को रेखांकित किया:
”डॉ. रमन सिंह की सरकार ने महिलाओं को राशन कार्ड में ‘मुखिया’ बनाकर उन्हें परिवार में सर्वोच्च स्थान दिया। वहीं, पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर ग्रामीण नेतृत्व की तस्वीर बदल दी।”
महतारी वंदन योजना: आत्मनिर्भरता की नई इबारत
वर्तमान सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार आज भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।



- आर्थिक संबल: ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंच रही है।
- महतारी सदन: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महतारी सदनों का निर्माण महिलाओं के सामाजिक जुड़ाव और सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा है।
मातृशक्ति से प्रशस्त होगा प्रगति का मार्ग
चंपा देवी पावले ने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी देश की प्रगति का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद, आने वाला समय देश की मातृशक्ति के लिए स्वर्ण युग साबित होगा, जहाँ नीतियां महिलाओं के दृष्टिकोण से और भी प्रभावी बनेंगी।




