अनोखा विरोध: ऑपरेशन में कोताही पर परिवार ने शोक पत्र के जरिए डॉक्टर को सार्वजनिक रूप से ठहराया जिम्मेदार
नई पहल न्यूज नेटवर्क पर। गुना। चिकित्सा जगत में ‘भगवान’ का दर्जा पाने वाले डॉक्टरों के लिए यह खबर एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर अस्पतालों में ऑपरेशन के दौरान होने वाली लापरवाही की खबरें फाइलों में दबकर रह जाती हैं, लेकिन गुना जिले के एक परिवार ने विरोध का ऐसा अनोखा और ‘एक्सक्लूसिव’ तरीका निकाला है जिसे देखकर हर कोई दंग है। परिवार ने अपनी दिवंगत सदस्य के शोक पत्र (तेरहवीं के कार्ड) पर बाकायदा उस डॉक्टर का नाम छपवाया है, जिसकी लापरवाही से उनकी जान जाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला ?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह शोक पत्र श्रीमती रामेश्वरी रघुवंशी का है, जिनका निधन 21 नवंबर 2018 को हुआ था। वे अशोक कुमार रघुवंशी (शिक्षक) की धर्मपत्नी थीं। आमतौर पर शोक पत्रों में केवल मृत्यु की सूचना और कार्यक्रमों का विवरण होता है, लेकिन इस कार्ड ने सबको चौंका दिया।
कार्ड पर दर्ज ‘कड़वा सच’
कार्ड के बीचों-बीच स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है कि श्रीमती रामेश्वरी रघुवंशी का स्वर्गवास राम हाईडेक अस्पताल गुना के डॉ. वाय. एस. रघुवंशी द्वारा ऑपरेशन में लापरवाही की वजह से हुआ है। परिवार का यह कदम चिकित्सा तंत्र के प्रति उनके आक्रोश और न्याय की एक मूक पुकार को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
इस कार्ड के ऊपर एक व्यंग्यात्मक चेतावनी भी लिखी गई है:



डॉक्टर साहब अब संभलकर ऑपरेशन करना, नहीं तो तेरहवीं के कार्ड में डॉक्टर का नाम डालने लगे हैं लोग।
साख दांव पर
यह मामला सिर्फ एक शोक संदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उस बढ़ते गुस्से का प्रतीक है जो डॉक्टरों की कथित लापरवाही के खिलाफ सुलग रहा है। अब तक लोग अदालतों और थानों के चक्कर काटते थे, लेकिन अब “नाम सार्वजनिक” करने की इस नई परिपाटी ने डॉक्टरों की साख और पेशेवर ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




