एमसीबी जिला 29. 32 फीसदी अंक पर है। यहां कुल 6 हजार 111 प्रकरण दर्ज हुए जिनमे सिर्फ 1 हजार 792 प्रकरण का ही निपटारा हो पाया



रविकांत सिंह राजपूत। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। प्रदेश में इन दिनों सुशासन तिहार चल रहा है। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय 5 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश के औचक निरीक्षण पर है। सुशासन तिहार के तीसरे चरण के पहले दिन ही सीएम विष्णुदेव साय के सामने ग्रामीण राजस्व विभाग के प्रकरण से अवगत करा रहे है। इसी बीच पूरे प्रदेश के जिलेवार आंकड़े सामने आए है। जिसमे नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के जिले पूरे प्रदेश में अव्वल है। बस्तर संभाग के सुकमा जिला 91. 67 फीसदी अंकों के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अव्वल है। सुकमा में कुल 10 हजार 6 प्रकरण दर्ज हुए जिनमे 9173 प्रकरण का निपटारा कर दिया गया है। बस्तर संभाग के ही बीजापुर जिला 89.17 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। बीजापुर में कुल 3 हजार 508 प्रकरण दर्ज हुए जिनमे 3128 प्रकरणों का निराकरण हो चुका है। बस्तर संभाग के ही दंतेवाड़ा जिला प्रदेश में टॉप थ्री है। दंतेवाड़ा जिला 81.74 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। वही राजस्व प्रकरणों का निपटारे में नया जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर पूरे प्रदेश में सबसे पीछे है। एमसीबी जिला 29. 32 फीसदी अंक पर है। यहां कुल 6 हजार 111 प्रकरण दर्ज हुए जिनमे सिर्फ 1 हजार 792 प्रकरण का ही निपटारा हो पाया। बलरामपुर जिला सिर्फ 39. 80 फीसदी अंक के साथ प्रदेश में 32 वे स्थान पर है।
प्रदेश में राजस्व प्रकरण के निराकरण का प्रतिशत 59.60
पूरे प्रदेश में राजस्व प्रकरण के निराकरण का प्रतिशत 59.60 है। मतलब पूरे प्रदेश के राजस्व प्रकरण के आधे से कुछ ज्यादा प्रकरणों का निपटारा हो गया है, बाकी प्रक्रियाधीन है। प्रदेशभर में कुल 3 लाख 38 हजार 320 प्रकरण दर्ज हुए। जिसमे 2 लाख 1 हजार 646 प्रकरण का निराकरण हो चुका है।



नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग टॉप पर
जिला प्रकरण निराकरण
सुकमा 10006 9173
बीजापुर 3508 3128
दंतेवाड़ा 5307 4338
नारायणपुर 4033 2988
बस्तर 11598 8496
कोंडागांव 9835 6308
राजस्व प्रकरण निराकरण में पिछड़े जिले
जिला प्रकरण निराकरण
एमसीबी 6111 1792
बलरामपुर 11885 4730
सरगुजा 16180 7301
कोरिया 3390 1643
बालोद 10796 5448
सक्ती 6451 3411
महासमुंद। 12518 6624
कोरबा 11624 6186
सुरजपुर 12904 6883
दुर्ग 21591 11955




