— विधायक रेणुका सिंह की मौजूदगी के बावजूद नहीं जुटा आम नागरिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा खाली मैदान का वीडियो
— ‘जन उत्सव’ बनाने के प्रशासनिक दावे कागजों तक सीमित, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रस्म अदायगी बनकर रह गया कार्यक्रम
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ : छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर प्रदेश भर में राज्योत्सव की धूम होने के दावे किए गए, लेकिन मनेंद्रगढ़ जिले में यह आयोजन उत्सव कम और प्रशासनिक नाकामी का जीवंत उदाहरण अधिक नजर आया। शहर के आत्मानंद स्कूल मैदान में आयोजित मुख्य राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह उपस्थित थीं, लेकिन उनके सामने गूंजने वाले भाषणों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुनने के लिए जनता नदारद रही। आलम यह रहा कि पूरा मैदान सूना पड़ा था और कुर्सियां खाली मुंह चिढ़ाती नजर आईं। इस पूरे आयोजन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
रस्म अदायगी बनकर रह गया कार्यक्रम
सरकार की मंशा थी कि राज्योत्सव को एक ‘जन उत्सव’ का रूप दिया जाए, जिससे हर आम नागरिक इस जश्न में अपनी भागीदारी निभा सके। हालांकि, मनेंद्रगढ़ प्रशासन इस विजन को जमीन पर उतारने में पूरी तरह विफल साबित हुआ। स्थिति यह थी कि कार्यक्रम स्थल पर केवल कुछ गिने-चुने जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ही नजर आए। आम जनता की उपस्थिति न के बराबर रही, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासन ने इस बड़े आयोजन के लिए कोई ठोस जन-जागरूकता या प्रचार-प्रसार अभियान नहीं चलाया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
जिले के इस प्रमुख सरकारी आयोजन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य अतिथि के भाषण और प्रस्तुतियों के दौरान पंडाल की अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी हैं। जनता की इस बेरुखी और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर अब शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि जब सरकार के इतने बड़े पर्व में ही आम जनता की रुचि नहीं रही, तो यह प्रशासनिक मशीनरी की नाकामी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
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