अहिवारा के लोकप्रिय विधायक स्व. डोमनलाल कोरसेवाड़ा के अंतिम सफर में नम हुईं आंखें, मुख्यमंत्री की सहजता और सादगी ने जीता हर किसी का दिल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी सौम्य, सरल और जन-जुड़ाव वाली छवि के लिए विशेष पहचान रखने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे पद से पहले एक संवेदनशील इंसान हैं। बालोद जिले के भेंडरा गांव में अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक डोमनलाल कोरसेवाड़ा के गृह ग्राम पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल की सभी सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए खुद आगे बढ़कर उनकी अंतिम यात्रा को कंधा दिया।
इस मार्मिक और हृदयविदारक दृश्य ने वहां मौजूद हर एक शख्स की आंखें नम कर दीं। मुख्यमंत्री का यह सरल और आत्मीय रूप इस बात की गवाही देता है कि वे अपने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में हमेशा चट्टान की तरह साथ खड़े रहते हैं।

अमर रहे के नारों से गूंजा भेंडरा गांव: भारी भीड़ के बीच अंतिम विदाई
कल अहिवारा से विधायक डोमनलाल कोरसेवाड़ा के आकस्मिक निधन के बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज जब उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम भेंडरा पहुंचा, तो उनके निवास के बाहर हजारों की संख्या में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।
- गूंजे नारे: पूरा ग्रामीण इलाका और अंतिम यात्रा का मार्ग “डोमनलाल कोरसेवाड़ा अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
- भारी जनसैलाब: अपने चहेते नेता को अंतिम विदाई देने के लिए दूर-दूर से लोग और समर्थक पहुंचे थे।
शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे प्रदेशभर के दिग्गज नेता और मंत्री
इस दुखद घड़ी में दिवंगत विधायक के परिजनों को ढांढस बंधाने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शासन-प्रशासन के तमाम बड़े चेहरे भेंडरा गांव पहुंचे।
- मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्य: कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, और मंत्री दयाल दास बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- अन्य जनप्रतिनिधि: इनके अलावा कांकेर सांसद, दुर्ग सांसद, कई पूर्व विधायक, विभिन्न निगम-आयोगों के अध्यक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री की सादगी बनी चर्चा का विषय
एक प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के बावजूद जिस आत्मीयता और सादगी के साथ विष्णुदेव साय ने दिवंगत विधायक की अर्थी को कंधा दिया, वह राजनीतिक गलियारों में एक अनुकरणीय मिसाल बन गया है। मुख्यमंत्री की यह सहजता न केवल उनके बड़े दिल को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वे ज़मीन से जुड़े एक सच्चे जननेता हैं।
About The Author










































