डॉ. वर्णिका शर्मा ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दिया अंतिम मौका, 22 दिसंबर को देनी होगी रिपोर्ट
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के औचक निरीक्षण ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल में बच्चों के भविष्य से जुड़ी चौंकाने वाली अनियमितताओं को उजागर किया है। 27 नवंबर 2025 को किए गए निरीक्षण में, कसडोल आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 04 का भवन अत्यंत दयनीय और जर्जर पाया गया, जिसकी छत टूटी हुई थी और दीवारों में दरारें थीं। इससे भी गंभीर बात यह है कि प्रतिष्ठित पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल के परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री जैसी असामाजिक गतिविधियां मिलीं। डॉ. शर्मा ने इन गंभीर परिस्थितियों को बच्चों के अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्ट में उजागर हुए गंभीर उल्लंघन
निरीक्षण में सामने आई मुख्य अनियमितताएं और आयोग के निर्देश इस प्रकार हैं:
1. आंगनबाड़ी की दयनीय स्थिति पर सख्त रुख (केंद्र क्र. 04, कसडोल)
- उल्लंघन: आंगनबाड़ी भवन का प्लास्टर टूटा हुआ, छत जर्जर और दीवारों में दरारें थीं, जो बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण के अभाव को दर्शाता है।
- आयोग का आदेश: महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल भवन की मरम्मत, पुनर्निर्माण और सुधारात्मक कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
स्कूल परिसर में सुरक्षा का खतरा



- उल्लंघन: विद्यालय परिसर में व्यापक गंदगी, सुरक्षित पेयजल और शौचालयों की सही कार्यशीलता का अभाव था। सबसे गंभीर, परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें भी मिलीं।
- आयोग का आदेश: जिला शिक्षा अधिकारी को परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करने और असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने के लिए कहा गया है।
आयोग अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू
डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13 एवं 14 के तहत दोनों मामलों में अलग-अलग कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी को 22 दिसंबर 2025 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आयोग कड़ी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।




