प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना, क्रमोन्नति और नेटवर्क की समस्याओं को लेकर आर-पार की लड़ाई; प्रदेश भर के शिक्षकों में भारी आक्रोश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग के अव्यवहारिक फैसलों और तकनीकी खामियों के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन द्वारा आगामी 15 जुलाई को बुलाए गए एकदिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ (पंजीयन क्रमांक 122202435951) का भी पूर्ण और खुला समर्थन मिल गया है।
संघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षकों की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और ऑनलाइन उपस्थिति के नाम पर उनका मानसिक उत्पीड़न बंद नहीं होता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
क्यों आक्रोशित हैं छत्तीसगढ़ के शिक्षक ?
छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू, संचालक खोमन लाल साहू और प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे सहित शीर्ष नेतृत्व ने संयुक्त बयान जारी कर विभाग की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए हैं। शिक्षकों की मुख्य चिंताएं इस प्रकार हैं:
- वेतन विसंगति और आर्थिक नुकसान: सहायक शिक्षक साथी पिछले कई वर्षों से वेतन विसंगति के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जिससे उन्हें लगातार भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना की मांग: शिक्षक एलबी संवर्ग लंबे समय से प्रथम नियुक्ति की तिथि से सेवा गणना कर पेंशन और क्रमोन्नति देने की मांग कर रहा है।
- टीईटी की अनिवार्यता: वर्तमान में टीईटी की अनिवार्यता लागू होने के कारण अधिकतर सहायक शिक्षक साथी मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। इसके अलावा पदोन्नति में वरिष्ठता, सेवा सुरक्षा और विभागीय परीक्षा जैसी मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं।
- सत्र के पहले ही दिन वीएसके ऐप ने काम करना बंद कर दिया था। जिम्मेदार अधिकारियों को सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर देखना चाहिए कि वहां नेटवर्क की क्या स्थिति है। शिक्षक दिनभर पढ़ाना छोड़कर नेटवर्क की खोज में यहां-वहां भटकने को मजबूर हैं।”
— संघ का संयुक्त बयान
वीएसके (VSK) ऐप और वेतन रोकने के तुगलकी फरमान का विरोध
संघ के नेताओं ने कहा कि वर्तमान में जहां स्कूलों में पढ़ाई और प्रवेश उत्सव की चर्चा होनी चाहिए, वहां विभाग शिक्षकों को वीएसके ऐप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के चक्रव्यूह में उलझा रहा है।
नेटवर्क और सर्वर की भारी समस्या के बावजूद विभाग ने निर्देश जारी किया है कि वीएसके ऐप में उपस्थिति दर्ज न होने पर जुलाई माह का वेतन रोक दिया जाएगा। शिक्षक इस ऐप की तकनीकी खामियों, सर्वर डाउन रहने की समस्या और अपनी निजता (प्राइवेसी) के खतरे से मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।
- सत्र के पहले ही दिन वीएसके ऐप ने काम करना बंद कर दिया था। जिम्मेदार अधिकारियों को सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर देखना चाहिए कि वहां नेटवर्क की क्या स्थिति है। शिक्षक दिनभर पढ़ाना छोड़कर नेटवर्क की खोज में यहां-वहां भटकने को मजबूर हैं।”
- आंदोलन को मजबूत बनाने जुटे ये दिग्गज पदाधिकारी
शिक्षक हित में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के इस 15 जुलाई के आंदोलन को सफल बनाने के लिए वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश से लेकर जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। इस मुहिम में एकजुटता दिखाने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं: - प्रांतीय पदाधिकारी: प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वाडदे, प्रदेश सहउपाध्यक्ष गीता नायर, प्रदेश संचालक खोमन लाल साहू, प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे, प्रदेश संरक्षक जगदीश दिल्लीवार और अनिता घोरपड़े।
- जिला व कार्यकारी अध्यक्ष: मधुसूदन सिंह (जिला अध्यक्ष बीजापुर), लक्ष्मीनारायण साहू (जिला अध्यक्ष बेमेतरा), शिवशंकर सिंह (कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बस्तर), भारती साहू (कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राजनांदगांव), रश्मि पटेल (कार्यवाहक जिला अध्यक्ष रायपुर), याोगेश्वर दिवान (कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गरियाबंद)।
- विभिन्न जिलों के सक्रिय नेता व व्याख्याता साथी: चंद्रकला साहू (सरगुजा), जीसी देवांगन (जांजगीर चांपा), रवि गुप्ता (कवर्धा), संजय देवांगन (अंबागढ़ चौकी), सुधीर दूबे (जशपुर), नवीन साहू (धमतरी), मिताली (डोंगरगांव), एल एन साहू (बेमेतरा), मोना प्रधान (दुर्ग), रामनारायण शर्मा (कांकेर), अजय चंद्राकर (महासमुंद), वृत्युंजय भारती (धमतरी), श्यामद्ववेदी (महासमुंद), सीबा (बालोद), दीपक (रायगढ़), विनय साहू (कांकेर/दंतेवाड़ा), उमाशंकर साहू (दंतेवाड़ा), वासु देवांगन (मानपुर-मोहला), अनिल जैन (जगदलपुर), चेतना गुप्ता (रायपुर) और प्रतिभा लिमशाकरे (रायपुर)।
About The Author














