अगली बार भूपेश बघेल ही बनेंगे सीएम… विधायक के पहले कथित ऑडियो वाले दावे पर महंत ने जताया आभार; ‘टीस’ वाले सवाल पर साधी रहस्यमयी चुप्पी !
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में पिछले 48 घंटों से मचे कथित ‘ऑडियो वॉर’ के घमासान में अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की भी एंट्री हो गई है। भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के नाम से वायरल हुए दोनों कथित ऑडियो और भाजपा की अंदरूनी कलह पर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का एक बेहद बड़ा और सियासी गलियारों में हलचल मचा देने वाला बयान सामने आया है। महंत ने इस पूरे मामले को लेकर न सिर्फ रेणुका सिंह का ‘धन्यवाद’ किया है, बल्कि सूबे की विष्णुदेव साय सरकार की घेराबंदी करते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री तक बनाने की वकालत कर दी है।
रेणुका सिंह को धन्यवाद और डिप्टी सीएम बनाने की मांग
वायरल ऑडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने तंज कसते हुए कहा:
”मैं रेणुका सिंह को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ। मैंने भी पहले मुख्यमंत्री से मांग की थी कि आपने रेणुका जी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया है, तो कम से कम उन्हें उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) ही बना दीजिए। उन्हें जिस सोच के साथ आप लोग दिल्ली (लोकसभा) से निकालकर यहाँ छत्तीसगढ़ (विधानसभा) में लाए हो, उसी हिसाब से उन्हें काम भी मिलना चाहिए।”
भूपेश बघेल की वापसी वाले दावे पर ली चुटकी
गौरतलब है कि शनिवार को वायरल हुए पहले कथित ऑडियो में रेणुका सिंह के नाम से यह दावा किया गया था कि— “उनको भूपेश बघेल जेल भेजेंगे, अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी और सीएम भूपेश बघेल ही बनेंगे।” इस बिंदु को लपकते हुए चरणदास महंत ने इस भविष्यवाणी पर खुशी जाहिर की और विधायक के कथित बयान का राजनैतिक माइलेज लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
‘मुख्यमंत्री न बन पाने की टीस ?’ के सवाल पर साधी चुप्पी
’नई पहल’ द्वारा नेता प्रतिपक्ष से जब यह तीखा सवाल पूछा गया कि— “2023 के चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर रेणुका सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन उन्हें साय कैबिनेट में मंत्री तक नहीं बनाया गया; तो क्या यह लगातार आ रहे कथित ऑडियो उसी राजनैतिक उपेक्षा की टीस तो नहीं है?” इस सवाल पर चरणदास महंत ने बेहद सधे हुए अंदाज में सस्पेंस बरकरार रखते हुए कहा— “मैं इस विषय पर इससे और ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगा।” महंत की इस रहस्यमयी चुप्पी को राजनैतिक हलकों में बेहद गंभीर माना जा रहा है।
कैबिनेट फेरबदल के सस्पेंस के बीच विपक्ष को मिला ‘पका-पकाया’ मुद्दा
सूबे में एक तरफ जहां मंत्रियों के परफॉर्मेंस के आधार पर कैबिनेट में भारी फेरबदल की अटकलें चल रही हैं, कई मंत्रियों की विदाई और नए विधायकों की एंट्री के कयास लगाए जा रहे हैं— ठीक उसी समय भाजपा की इस अंदरूनी रार और कथित ‘ऑडियो कांड’ ने विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बहुत बड़ा मुद्दा दे दिया है।
हालांकि, विधायक रेणुका सिंह ने मुंबई के अस्पताल से दोनों ही कथित ऑडियो को ‘AI जनरेटेड फर्जीवाड़ा’ करार दिया है और सोनहत थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के इस नए बयान ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को आसानी से ठंडा नहीं होने देगी और आने वाले दिनों में यह छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बनने जा रहा है।
वैधानिक स्पष्टीकरण: ‘नई पहल’ सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दोनों वायरल ऑडियो की सत्यता, प्रामाणिकता अथवा आवाज की पुष्टि नहीं करता है। विधायक रेणुका सिंह ने दोनों को पूरी तरह फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है। यह रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष के आधिकारिक बयान और मौजूदा राजनैतिक घटनाक्रम पर आधारित है।
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