नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। महानदी भवन (मंत्रालय) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए 11 बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लिया गया, जिसके तहत छत्तीसगढ़ अब देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक’ लागू करेगा। इसके साथ ही नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना और किराएदारों व मकान मालिकों के विवादों को सुलझाने के लिए नए कानून को भी हरी झंडी दी गई है।

उद्योग, व्यापार और रोजगार को नई उड़ान
1. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026: देश में नंबर-1 बनेगा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा जो व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए यह विशेष विधेयक ला रहा है।
- मुख्य प्रावधान: डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन और जोखिम-आधारित निरीक्षण की व्यवस्था।
- फायदा: दोहरे लाइसेंसिंग की बाध्यता खत्म होगी, जिससे निवेशकों को लालफीताशाही से मुक्ति मिलेगी और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
2. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026
देश के अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर इस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में निवेश का माहौल और अधिक सुरक्षित व आकर्षक बनेगा।
3. नवा रायपुर के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों और भवनों पर देय ब्याज व अधिभार में राहत देने के लिए OTS योजना-2026 को मंजूरी दी गई है।
- इससे विवादों और मुकदमों में कमी आएगी।
- जो लोग प्रोजेक्ट पूरा करना चाहते हैं उन्हें मौका मिलेगा, और जो इच्छुक नहीं हैं वे सम्मानजनक तरीके से भूमि सरेंडर कर सकेंगे।
बिजली, टैक्स और पर्यावरण में बड़े सुधार
4. बिजली भुगतान के लिए अब ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ व्यवस्था
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) जैसे एनटीपीसी से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए अब त्रिपक्षीय अनुबंध के स्थान पर आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी।
- फायदा: इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, बल्कि बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
5. वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त, राजस्व मंडल संभालेंगे मामले
जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े मामलों में भारी कमी आई है। इसलिए छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के लिए मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसके लंबित मामले राजस्व मंडल (बोर्ड ऑफ रेवेन्यू) को ट्रांसफर किए जाएंगे।
6. माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026
इस संशोधन से जीएसटी कानून और सरल होगा। विशेष रूप से निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों को अब बहुत तेजी से और पारदर्शी तरीके से रिफंड मिल सकेगा।
7. पर्यावरण कानून में संशोधन: छोटे उल्लंघन अब अपराध नहीं
केंद्र सरकार के जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाया जाएगा। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को क्रिमिनल ऑफेंस (अपराध) की श्रेणी से हटाकर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा, पुलिस और आम जनता को बड़ी राहत
8. निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक: छात्रों का भविष्य होगा सुरक्षित
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत अब विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान होगा।
- सभी निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी (UGC) के मानकों के अनुरूप लाइब्रेरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाएं देना अनिवार्य होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी।
9. बस्तर फाइटर्स नियमों में संशोधन
छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति दी गई है, जिससे स्थानीय युवाओं को बल में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
10. भाड़ा नियंत्रण अधिनियम: खाली मकान किराए पर देना होगा आसान
भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
- फायदा: मकान मालिक और किराएदार दोनों के अधिकार व दायित्व स्पष्ट होंगे। कोर्ट फीस और विवादों का निपटारा त्वरित गति से हो सकेगा, जिससे लोग खाली पड़े मकानों को किराए पर देने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
11. राजनांदगांव को सौगात: बनेगा 2000 सीटर आधुनिक ऑडिटोरियम
राजनांदगांव में एक भव्य और आधुनिक 2000 सीट की क्षमता वाले ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए कैबिनेट ने शासकीय भूमि के आबंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
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