कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी और डॉ. महंत के उत्तराधिकारी सूरज की गर्मजोशी, क्या ये भविष्य की राजनीति के संकेत हैं ?
रविकांत सिंह राजपूत। नई पहल न्यूज नेटवर्क। चिरमिरी/मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ की सियासत में कुछ तस्वीरें शब्दों से ज्यादा शोर करती हैं। कोयलांचल नगरी चिरमिरी के एक मंदिर में सोमवार ओ जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के पुत्र सूरज महंत आमने-सामने हुए, तो कैमरे की एक क्लिक ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह केवल दो व्यक्तियों का मिलना नहीं था, बल्कि ‘मनेंद्रगढ़ के गौरव’ और ‘कोरबा-सक्ति की विरासत’ का एक मंच पर आना था। इस दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने डॉक्टर महंत का गमछा पहनाकर स्वागत भी किया।


सत्ता का शिखर: श्यामबिहारी जायसवाल का बढ़ता कद
तस्वीर के एक केंद्र में श्यामबिहारी जायसवाल हैं, जिन्होंने मनेंद्रगढ़ विधानसभा से दूसरी बार जीत दर्ज की है। वे इस क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री बनने वाले पहले विधायक हैं। उनकी उपस्थिति आज उस ‘पावर सेंटर’ को दर्शाती है जिसने एमसीबी जिले को प्रदेश की मुख्यधारा की राजनीति में अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है।
विरासत की तैयारी: सूरज महंत का ‘मौन’ उदय
वहीं दूसरी ओर, शालीनता से हाथ मिलाते सूरज महंत छत्तीसगढ़ की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक विरासत के वाहक हैं। छत्तीसगढ़ के ‘चाणक्य’ डॉ. चरणदास महंत और वर्तमान सांसद ज्योत्सना महंत के सुपुत्र सूरज इन दिनों अपने पिता के दो दिवसीय प्रवास पर साये की तरह साथ हैं। माँ ज्योत्सना महंत की संसद सत्र में व्यस्तता के बीच सूरज का इस तरह मोर्चा संभालना साफ करता है कि वे अब केवल ‘काम सीख’ नहीं रहे, बल्कि कार्यकर्ताओं की नब्ज और क्षेत्र की समस्याओं को गहराई से समझ चुके हैं।
मंदिर की शांति में ‘सियासी’ तूफान की आहट !
यूं तो यह मुलाकात एक धार्मिक स्थल पर हुई, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इसके गहरे अर्थ ढूंढ रही हैं। डॉ. महंत पहले ही कह चुके हैं कि सूरज अभी सेवा कर रहे हैं, लेकिन सवाल अब सार्वजनिक है— क्या सूरज महंत का सियासी सूर्योदय सीधे दिल्ली की ‘लोकसभा’ से होगा या वे छत्तीसगढ़ की ‘विधानसभा’ की दहलीज से अपनी पारी शुरू करेंगे? विरासत की इस रेस में सूरज खुद को ‘कांग्रेस का सिपाही’ बताते हैं, लेकिन उनकी सक्रियता किसी बड़े ‘कमांडर’ से कम नहीं दिखती।



स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण
विरासत की राजनीति में अक्सर टकराव देखा जाता है, लेकिन आज की तस्वीर में स्वास्थ्य मंत्री की वरिष्ठता और सूरज महंत की विनम्रता ने एक स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण पेश किया है। जब क्षेत्र का पहला कैबिनेट मंत्री और प्रदेश की सबसे बड़ी सियासी विरासत का वारिस एक ही फ्रेम में हों, तो यह मान लेना चाहिए कि आने वाले समय में मनेंद्रगढ़-कोरबा-सक्ति के समीकरणों में बहुत कुछ नया घटने वाला है।




