ऐश्वर्या राय के विज्ञापन से बचपन में उपजा था विचार, डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह ने पति के साथ मिलकर पूरा किया संकल्प
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारे से एक ऐसी प्रेरक खबर सामने आई है जो समाज की पुरानी रूढ़ियों को तोड़ती है। जिले की डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह और उनके पति संजय कुमार राय (सीईओ, जनपद पंचायत रामानुजनगर) ने मरणोपरांत अंगदान और देह दान करने का संकल्प लेकर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है।
30 साल पुराना सपना, अब बना हकीकत
डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह ने इस फैसले के पीछे की दिलचस्प और भावुक वजह साझा करते हुए बताया कि अंगदान का विचार उनके मन में आज से करीब 30 साल पहले ही आ गया था। उन्होंने बताया, “1996 में जब फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय का नेत्रदान वाला विज्ञापन आता था, उसे देखकर मैं बहुत प्रभावित हुई थी। तब मुझे पहली बार नेत्रदान के बारे में पता चला, लेकिन उस समय मैं बहुत छोटी थी।” ऋचा सिंह आगे कहती हैं, “अब मैं अपने फैसले खुद ले सकती हूँ, इसलिए मैंने न केवल खुद यह संकल्प लिया बल्कि अपने पति संजय राय को भी इस नेक पहल के लिए प्रेरित किया। हम दोनों ने मिलकर यह फैसला लिया है कि दुनिया से जाने के बाद भी हम किसी और की जिंदगी में रोशनी बनकर रहेंगे।”

“बस एक पहल…” सोशल मीडिया पर संदेश
ऋचा सिंह ने अपने ‘ऑर्गन डोनेशन सर्टिफिकेट’ को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “मौत के बाद भी ज़िन्दगी बांटना चाहते हैं। बस एक पहल…”। अफसर दंपति के इस निर्णय की हर तरफ सराहना हो रही है। उनके इस कदम ने अंगदान जैसे संवेदनशील विषय पर समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश दिया है।
अंगदान का संकल्प: ‘जीवन के बाद भी जीवन’
जारी प्रमाण पत्र के अनुसार, इस दंपति ने अपने हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी, कॉर्निया (आंखों) और उत्तकों (Tissues) को दान करने की शपथ ली है। जहाँ ऋचा सिंह सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अपनी सेवाएं दे रही हैं, वहीं संजय राय सूरजपुर जिले में कार्यरत हैं। व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच इस दंपति ने यह साबित कर दिया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज को वापस देना ही सबसे बड़ी सेवा है।



“प्रशासनिक अधिकारी केवल व्यवस्थाओं का संचालन ही नहीं करते, बल्कि अपनी सोच से समाज का नेतृत्व भी करते हैं। ऋचा सिंह और संजय राय का यह साझा फैसला अंगदान की दिशा में छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।”




