गृह मंत्री विजय शर्मा की पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद बड़ा फैसला; सोनहत थाने में दर्ज जघन्य हत्याकांड का पूरा मामला अब केंद्रीय एजेंसी के पास
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले को झकझोर देने वाले बहुचर्चित नौगई ट्रिपल मर्डर केस में राज्य सरकार ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। परिजनों की न्याय की गुहार और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए, विष्णुदेव साय सरकार ने इस पूरे मामले की जांच देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी ‘सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (CBI) को सौंपने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत राजपत्रित अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी गई है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीदें अब और मजबूत हो गई हैं।

वारदात के बाद से सुलग रहा था आक्रोश
गौरतलब है कि बीती 16 जून की खौफनाक रात को नौगई क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी, जिसमें भरत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह नाम के तीन ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य तिहरे हत्याकांड के बाद से ही पूरे कोरिया जिले सहित प्रदेश भर में भारी तनाव और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे। पीड़ित परिवार लगातार इस घटना के पीछे की गहरी राजनीतिक या व्यक्तिगत साजिश को बेनकाब करने के लिए निष्पक्ष केंद्रीय जांच (CBI) की मांग पर अड़ा हुआ था।
गृह मंत्री की पहल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को स्वयं पीड़ित परिवार से विस्तृत बातचीत की। परिजनों के दर्द और उनकी मांग को गंभीरता से सुनते हुए गृह मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि न्याय की राह में कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मुलाकात के तुरंत बाद राज्य शासन ने तत्परता दिखाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
अधिसूचना के तकनीकी पहलू: दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को मिला अधिकार
छत्तीसगढ़ शासन के गृह (सी-अनुभाग) विभाग मंत्रालय, महानदी भवन द्वारा जारी राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (1946 का अधिनियम 25) की धारा 6 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने यह सहमति दी है।
इसके तहत थाना- सोनहत, जिला- कोरिया में दर्ज निम्नलिखित गंभीर अपराधों की जांच का संपूर्ण क्षेत्राधिकार अब सीबीआई को हस्तांतरित किया जा रहा है:
- अपराध क्रमांक 65/2026: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 296, 351(3), 115(2), और 3(5) के तहत।
- अपराध क्रमांक 66/2026: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(2), 191(3), 109, 324, 103(1), और 326(जी) के तहत।
इस अधिसूचना के जारी होने के बाद सीबीआई (CBI) के सदस्यों की शक्तियों और क्षेत्राधिकार का विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में करने की सहमति राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार उप सचिव (आर.पी. चौहान) द्वारा प्रदान की गई है।
आगे की प्रक्रिया और असली चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद
राज्य सरकार द्वारा अपनी आधिकारिक अनुशंसा और अधिसूचना जारी करने के बाद, इसकी कॉपियां केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों (कैबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय, नई दिल्ली) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के महानिदेशक को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई हैं।
बहुत जल्द सीबीआई की विशेष विंग इस तिहरे हत्याकांड की डायरी स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में लेगी और नए सिरे से तफ्तीश शुरू करेगी। स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी की एंट्री से इस जघन्य हत्याकांड के पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड और सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकेंगे।
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