नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2024 के परिणाम में अभ्यर्थियों के अजीबोगरीब नाम (‘NEWS’ और ‘SPACERANI’) को लेकर उठे विवाद और नई पहल न्यूज पोर्टल में खबर प्रकाशित होने पर अब आयोग और राज्य सरकार की ओर से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है। मामले पर आयोग द्वारा जारी आधिकारिक खंडन के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप होने की बात कही है।

BJP प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने की थी समाधान की मांग
विवाद की शुरुआत में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने स्वयं X (पूर्व में ट्विटर) और सोशल मीडिया के माध्यम से CGPSC को टैग करते हुए सवाल उठाए थे। उन्होंने अभ्यर्थियों के संशय को दूर करने के लिए आयोग से मांग की थी कि:
- रोल नंबर 467 (“SPACERANI”) और रोल नंबर 6074 (“NEWS”) जैसे नामों को लेकर उठ रहे सवालों का तुरंत निराकरण किया जाए।
- यदि यह कोई टंकण त्रुटि (Typographical Error) या तकनीकी चूक है, तो आयोग प्रेस विज्ञप्ति के जरिए युवाओं को स्थिति से अवगत कराए।
CGPSC का आधिकारिक खंडन: “ये नाम अभ्यर्थियों द्वारा खुद फॉर्म में भरे गए थे”
मामले को तूल पकड़ता देख CGPSC ने 6 अगस्त 2026 को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों का खंडन किया। आयोग ने स्पष्ट किया:
- अभ्यर्थियों के वास्तविक नाम: ‘NEWS’, ‘SPACERANI’, ‘HE RAM’, ‘BHAKT PRAHLAD’, ‘TUFAIL’ आदि नाम वही हैं जो संबंधित अभ्यर्थियों ने स्वयं अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में भरकर अंतिम रूप से जमा किए थे।
- प्रवेश पत्र और शारीरिक परीक्षा में भी यही नाम: इन्हीं नामों से अभ्यर्थियों ने शारीरिक परीक्षण (Physical Test), दस्तावेज सत्यापन और प्रारंभिक लिखित परीक्षा में भाग लिया था और प्रवेश पत्र (Admit Card) भी इसी नाम से जारी हुए थे।
- उपहास न उड़ाने की अपील: आयोग ने सोशल मीडिया रील्स और पोस्ट्स के जरिए अभ्यर्थियों के वास्तविक नामों का उपहास उड़ाने और परिणाम पर सवाल उठाने को भ्रामक व तथ्यहीन बताया।
उज्ज्वल दीपक का रुख: “मुझे भी लगा था गड़बड़, खंडन के बाद संशय खत्म”
CGPSC का अधिकृत पत्र सामने आने के बाद भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने इसे साझा करते हुए लिखा:
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा इस खबर का खंडन संलग्न है। पहले मुझे भी गड़बड़ लगा था। पर इस खंडन के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया है।
इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद उन सभी अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजी पर पूर्ण विराम लग गया है, जो परिणाम में किसी प्रकार के घोटाले या सिस्टम की गड़बड़ी का दावा कर रहे थे।
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