मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान—15 अगस्त से 26 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान; वीबी-जी राम जी मिशन के तहत मिलेगा 300 रुपए रोजाना रोजगार, 318 तरह के विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने ग्रामीण विकास, स्वच्छता और बेटियों के सम्मान को समर्पित एक नए युग का आगाज किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महानदी भवन नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया। 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस 5 महीने के विशेष अभियान के तहत प्रदेश के हर गांव को चमकाने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने का खाका तैयार कर लिया गया है। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम जी] के जरिए राज्य में 6,855 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है, जिससे न केवल रोजगार के नए द्वार खुलेंगे बल्कि ग्रामीण अधोसंरचना को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान की मुख्य सौगातें
- स्कूलों में बालिका शौचालय: ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण होगा (प्रति शौचालय लागत: 4.30 लाख रुपए)।
- मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय: 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे (प्रति इकाई लागत: 6 लाख रुपए)।
- अतिरिक्त मुक्तिधाम: 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 अन्य मुक्तिधामों का भी निर्माण होगा (प्रति इकाई लागत: 3.32 लाख रुपए)।
- जल संरक्षण पहल: बंद (डिफंक्ट) पड़े 10,027 बोरवेल में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर और वॉटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे, जिससे भू-जल स्तर में सुधार होगा।
रोजगार और मजदूरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब मजदूरों को 300 रुपए प्रतिदिन की बढ़ी हुई मजदूरी दर मिलेगी। इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से छत्तीसगढ़ को लगभग 6,855 करोड़ रुपए प्राप्त हो रहे हैं। केंद्र सरकार से पहली किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी मिल चुकी है।
किसान और मजदूर दोनों का रखा ख्याल
खेती-किसानी के व्यस्त दिनों में श्रमिकों की किल्लत न हो, इसके लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के काम बंद रखने का विशेष प्रावधान किया गया है। इससे कृषि कार्य और ग्रामीण रोजगार दोनों के बीच संतुलन बना रहेगा।
318 तरह के कार्यों से बदलेगा ग्रामीण परिदृश्य
योजना के तहत 4 श्रेणियों में कुल 318 विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे:
- जल संरक्षण व संवर्धन: 107 प्रकार के कार्य (तालाब, चेकडैम, भू-जल व मृदा संरक्षण)।
- ग्रामीण अधोसंरचना: 90 प्रकार के कार्य (सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, लाइब्रेरी, आंगनबाड़ी, स्कूल कक्ष)।
- आजीविका संवर्धन: 86 प्रकार के कार्य (हाट-बाजार, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन)।
- जलवायु अनुकूलन व आपदा प्रबंधन: 35 प्रकार के कार्य (ड्रेनेज, तटबंध, बाढ़ आश्रय, जंगलों में आग की रोकथाम)।
डिजिटल गवर्नेंस और ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1
छत्तीसगढ़ ने इस योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में बाजी मारी है:
- 98% ई-केवाईसी पूरा करके छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।
- 99% परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग के साथ राज्य दूसरे स्थान पर है।
- युक्तधारा पोर्टल के जरिए GIS आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है।
पारदर्शिता और ग्राम सभा का अनुमोदन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत सभी कार्यों की स्वीकृति ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के माध्यम से होगी। डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान और सोशल ऑडिट के जरिए भ्रष्टाचार-मुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित किया जाएगा।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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