अंजन हिल खदान को मिला जनता का ‘ग्रीन सिग्नल’
‘अंजन माइंस’ की नई पहल, बिना किसी निजी भूमि अधिग्रहण के खुलेगा रोजगार का द्वार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में किया स्वागत
नई पहल न्यूज नेटवर्क। चिरमिरी। कोयलांचल चिरमिरी के सुनहरे भविष्य की इबारत आज ग्राम भुकभुकी में लिखी गई। अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित अंजन हिल कोयला खदान परियोजना की जनसुनवाई आज भारी जनसमर्थन और सकारात्मकता के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रशासन और एसईसीएल (SECL) के आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस सुनवाई ने स्पष्ट कर दिया कि यह परियोजना चिरमिरी के आर्थिक पुनरुद्धार के लिए ‘संजीवनी’ साबित होगी।

प्रशासनिक मुस्तैदी और पारदर्शिता की मिसाल
अपर कलेक्टर अनिल सिदार, पर्यावरण संरक्षण अधिकारी शैलेश पिसदा, और एसडीएम बृजेन्द्र सारथी की देखरेख में आयोजित इस जनसुनवाई में पारदर्शिता का पूरा ख्याल रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था की कमान सीएसपी दीपिका मिंज ने संभाली, जिससे प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
“जमीन नहीं जाएगी, सिर्फ खुशहाली आएगी” – SECL
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहण संबंधी चिंताओं पर विराम लगाते हुए SECL के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने दो टूक कहा:
“किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। खनन कार्य पूरी तरह आवंटित लीज क्षेत्र के भीतर होगा। हमारा लक्ष्य विनाश नहीं, बल्कि विकास है।“
दिग्गज नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों का मिला ‘थम्पिंग सपोर्ट’
क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीति से ऊपर उठकर सभी ने इस परियोजना का हाथ खोलकर स्वागत किया:



- प्रिया मेश्राम (अध्यक्ष, जनपद पंचायत): “खदान खुलने से क्षेत्र का विकास होगा, हम इसका स्वागत करते हैं।”
- राम नरेश राय (महापौर): उन्होंने इसे चिरमिरी के अस्तित्व के लिए जरूरी बताया।
- अन्य समर्थन: सभापति संतोष सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन, और नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा ने भी परियोजना को क्षेत्र के हित में बताया।
विकास का ‘ब्लूप्रिंट’: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर

अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि कंपनी केवल कोयला नहीं निकालेगी, बल्कि समुदाय का दिल भी जीतेगी।
- रोजगार: स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर।
- CSR गतिविधियां: हाल ही में स्कूल बैग, डेस्क-बेंच और जैकेट वितरण जैसी पहलों को और विस्तार दिया जाएगा।
- पर्यावरण और सुरक्षा: अत्याधुनिक और सुरक्षित खनन तकनीकों का उपयोग होगा ताकि वनों और जल स्रोतों पर कोई आंच न आए।
व्यापारिक जगत में उत्साह
स्थानीय व्यापारी ओम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि इस परियोजना से बाजार में रौनक लौटेगी और चिरमिरी की आर्थिक नींव मजबूत होगी।
बिना किसी विस्थापन और बिना किसी नकारात्मक प्रभाव वाली यह परियोजना चिरमिरी के लिए उम्मीद की एक नई किरण है। अब सबकी नजरें आगामी वैधानिक स्वीकृतियों पर हैं, जिसके बाद खदान का संचालन शुरू होगा।




