वीडियो वायरल होने के बाद गृह विभाग का कड़ा एक्शन, भ्रष्टाचार और गंभीर कदाचार के आरोपों में घिरे बिलासपुर के तत्कालीन एएसपी सिटी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बिलासपुर के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेंद्र जायसवाल को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर स्पा चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करने और पैसे न देने पर संचालक को नुकसान पहुँचाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
वसूली का वीडियो बना निलंबन का आधार
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। इस वीडियो क्लिप और आवेदक के बयानों की जांच के बाद गृह (पुलिस) विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत माना है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अधिकारी का यह कृत्य भ्रष्टाचार और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है।

अटल नगर मुख्यालय में रहेंगे अटैच
अवर सचिव पूरन लाल साहू द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- तत्काल निलंबन: राजेंद्र जायसवाल को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत सस्पेंड किया गया है।
- मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान इनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर नियत किया गया है।
- निर्वाह भत्ता: नियम के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।
विभाग में मचा हड़कंप
स्पा सेंटर संचालकों से मासिक बंधा-बधाया पैसा (मासिक धनराशि) वसूलने की शिकायतों पर हुई इस सीधी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शासन ने इस आदेश के जरिए यह साफ संकेत दे दिया है कि वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।







